राजधानी में रोज 110 लोगों को श्वान काट रहे, 9 माह में 30,157 केस

राजधानी सहित प्रदेशभर में आवारा श्वान आमजन को जख्मी कर रहे हैं। जयपुर में रोजाना 110 और पिछले 9 माह में 30,157 मामले सामने आए हैं। प्रदेश में पिछले साल 4.50 लोगों को श्वान ने अपना शिकार बनाया। पिछले चार साल में 16 लाख 16 हजार 585 लोग जख्मी हुए। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार नगर निगम को डॉग शेल्टर होम खोलना है और विभिन्न स्थानों पर फीडिंग पाइंट चिह्नित करना है। इस योजना में लावारिश श्वानों को पकड़कर शेल्टर होम में रखा जाएगा। वहां उनकी देखरेख, टीकाकरण और नसबंदी की व्यवस्था की जाएगी। एक ही साल में बढ़ गए 1.50 लाख मामले वर्ष 2022-23 में डॉग बाइट के 2 लाख 78 हजार 244 मामले दर्ज हुए। इसके बाद वर्ष 2023-24 में मामलों में की संख्या बढ़कर 4 लाख 27 हजार 806 तक पहुंची। यानी एक ही साल में 1.5 लाख मामले बढ़ गए हैं। वर्ष 2024-25 में यह आंकड़ा और बढ़कर 4 लाख 60 हजार 309 तक पहुंच गया, जो पिछले चार साल में सबसे अधिक है। श्वानों के भूखे रहने से बढ़ रहे मामले भास्कर एक्सपर्ट -डॉ. गोवर्धन मीना, एंटी रैबीज विशेषज्ञ, एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर डॉग बाइट का सबसे बड़ा कारण श्वानों का भूखा रहना है। समय पर खाने की पूर्ति नहीं होने से उनके व्यवहार में गुस्सा ज्यादा आ जाता है। संख्या ज्यादा होने से जगह के लिए भी आपस में संघर्ष होने से तनाव बढ़ जाता है। ऐसे में श्वान लोगों व बच्चों पर हमला कर देते हैं। किसी व्यक्ति को श्वान काट लेता है तो व्यक्ति को घटना वाले दिन, तीसरे दिन, सातवें दिन, 14वें दिन, 21वें दिन व 28वें दिन वैक्सीन लगवाना चाहिए। जिससे किसी तरह का संक्रमण नहीं फैलेगा।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *