राजनांदगांव कलेक्टर जितेंद्र यादव ने मंगलवार को साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक में स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल जैसे मूलभूत मुद्दों पर कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने जिला अस्पताल में मरीजों के बेहतर इलाज और अनावश्यक रेफरल से बचने पर विशेष जोर दिया। कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय और मेडिकल कॉलेज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों (पीएचसी/सीएचसी) से आने वाले मरीजों का उपचार जिला स्तर पर ही उच्च गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए। बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, कलेक्टर ने 0 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का आधार अपडेट प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए। यह कार्य सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शिविर लगाकर पूरा किया जाएगा। पेयजल संकट से निपटने अधिकारियों को चेतावनी आगामी गर्मी के मौसम में संभावित पेयजल संकट को देखते हुए, कलेक्टर ने अधिकारियों को उन क्षेत्रों की पहचान करने को कहा जहां प्रतिवर्ष पानी की किल्लत होती है। उन्होंने नगरीय निकायों और जनपद सीईओ को निर्देश दिए कि पेयजल आपूर्ति के लिए अभी से पुख्ता इंतजाम किए जाएं ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों को मंगलवार और बुधवार को अनिवार्य रूप से मुख्यालय में उपस्थित रहने का आदेश दिया। इसके अतिरिक्त, कार्यालयों में बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने और ई-ऑफिस के माध्यम से कार्यों के निष्पादन में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कृषि क्षेत्र में, खरीफ सीजन के लिए खाद-बीज का अग्रिम उठाव सुनिश्चित करने और धान के उठाव (टीओ काटने) की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा शिक्षा विभाग को पीएमश्री स्कूलों का निरंतर निरीक्षण करने और 1 अप्रैल से कक्षा 9वीं से 12वीं तक का नया सत्र सुचारू रूप से शुरू करने के निर्देश दिए गए। पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत नए प्रावधानों के आधार पर पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए भी निर्देश जारी किए गए।


