‘संस्कारधानी’ और ‘खेलधानी’ के रूप में विख्यात राजनांदगांव शहर में गुरुवार को क्रिकेट का जबरदस्त उत्साह देखा गया। वानखेड़े स्टेडियम में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे सेमीफाइनल मुकाबले को लेकर शहर भर में जोश का माहौल था। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित ओवरों में 253 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया, जिससे प्रशंसकों की उम्मीदें बढ़ गईं। मैच के रोमांच को बढ़ाने के लिए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर बड़ी एलईडी स्क्रीनें लगाई गई थीं। युवा, बुजुर्ग और बच्चे सभी अपने काम-काज छोड़कर भारतीय टीम का उत्साहवर्धन करने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। शहर के हृदय स्थल आजाद चौक पर युवाओं की भारी भीड़ जमा थी। भारतीय बल्लेबाजों द्वारा चौके-छक्के लगाए जाने पर पूरा इलाका तालियों की गड़गड़ाहट और ‘जीतेगा भाई जीतेगा, इंडिया जीतेगा’ के नारों से गूंज उठा। राजनांदगांव की यह परंपरा रही है कि यहां हर खेल को उत्सव की तरह मनाया जाता है। बड़ी टीवी स्क्रीनों के सामने बैठकर लोग मैच की हर गेंद का विश्लेषण करते और जश्न मनाते दिखे। भारतीय टीम की शानदार बल्लेबाजी और 253 रन के स्कोर ने राजनांदगांव के खेल प्रेमियों में फाइनल की उम्मीद जगा दी। युवाओं के समूह में शामिल क्रिकेट प्रशंसकों ने कहा कि वानखेड़े की पिच पर यह स्कोर काफी मजबूत है और भारतीय गेंदबाज इस लक्ष्य का बचाव आसानी से कर लेंगे। शाम ढलने के साथ-साथ जैसे-जैसे मैच निर्णायक मोड़ पर पहुंचा, शहर का जोश बढ़ता गया। खेल प्रेमियों का मानना था कि इस विश्व कप में भारत का प्रदर्शन अद्वितीय रहा है और सेमीफाइनल की बाधा पार करने के बाद फाइनल में जीत निश्चित है।


