राजनांदगांव में महाशिवरात्रि का पर्व इस वर्ष अभूतपूर्व उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। शहर की विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं के समन्वय से पूरी नगरी शिवभक्ति के रंग में सराबोर है। 14 और 15 फरवरी को आयोजित होने वाले इन कार्यक्रमों ने पूरे अंचल को ‘शिवमय’ कर दिया है। आज, 14 फरवरी को दोपहर 12 बजे गुरुद्वारा चौक से ऐतिहासिक महाकाल शोभायात्रा का आगाज़ हुआ। आयोजन समिति के अध्यक्ष निखिल द्विवेदी के अनुसार, इस यात्रा में छत्तीसगढ़ी लोक संस्कृति जैसे गुदुम बाजा, राउत नाचा और पंथी नृत्य के साथ-साथ अघोरी साधुओं की रोमांचक प्रस्तुति मुख्य आकर्षण रही। जय स्तंभ चौक पर ‘त्रिनयन आर्ट’ द्वारा विशेष आध्यात्मिक मंचन भी किया गया। मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में विशाल आयोजन बर्फानी सेवाश्रम समिति द्वारा 15 फरवरी को मां पाताल भैरवी सिद्धपीठ में विशाल आयोजन किया जा रहा है। संस्था के सचिव गणेश प्रसाद शर्मा ‘गन्नू’ ने बताया कि विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग के प्रथम तल पर विराजमान दुर्लभ स्फटिक के पातालेश्वर महादेव और तृतीय तल पर पारे के भव्य पारेश्वर ज्योतिर्लिंग का महारुद्राभिषेक रात्रि 10 बजे से होगा। ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर के पट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। विद्वान पंडितों द्वारा दूध, दही, पंचामृत और अष्टगंध से विश्व शांति के लिए पूजन संपन्न कराया जाएगा। जी.ई. रोड, रेवाड़ीह स्थित शिव मंदिर में 15 फरवरी को शाम 7:30 बजे से विशाल ‘भजन संध्या’ का आयोजन किया गया है। शिव भक्त नरेश डाकलिया (पूर्व महापौर) द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में सुप्रसिद्ध भजन सम्राट सुनील बंसोड़ अपनी सुमधुर आवाज से भक्तों को मंत्रमुग्ध करेंगे। अन्य प्रमुख आयोजनों में महाकाल पगड़ी यात्रा भी शामिल है। शिव भक्ति पवन दा ने बताया कि 15 फरवरी को सिंघोला स्थित भगवान चंद्र मैलेश्वर मंदिर के भक्तों द्वारा पारंपरिक पगड़ी यात्रा निकाली जाएगी। सत्यनारायण मंदिर में स्थापित दुर्लभ स्फटिक शिवलिंग का आठों पहर अभिषेक किया जाएगा। सिंधी समाज द्वारा भी पृथक शोभायात्रा, भव्य महाआरती और अभिषेक के विशेष आयोजन किए जा रहे हैं।


