राजनांदगांव में प्राइमरी स्कूल शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण को लेकर विवाद सामने आया है। सोमवार को काउंसिलिंग का विरोध करने वाले शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। शिक्षक साझा मंच ने जिला स्तर पर दावा-आपत्ति के बिना काउंसिलिंग कराने का विरोध किया। अधिकारियों और शिक्षकों के बीच तीखी बहस के बाद पुलिस बल की तैनाती में काउंसिलिंग प्रक्रिया पूरी की गई। शिक्षक संगठनों ने विभाग पर मनमानी और विसंगतिपूर्ण युक्तियुक्तकरण का आरोप लगाया है। जिले में 620 स्कूलों को मिलाकर अब 349 स्कूल कर दिए गए हैं। 411 अतिशेष शिक्षकों की नई पदस्थापना डॉ. बल्देव प्रसाद मित्र स्कूल में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक चली काउंसिलिंग में 411 अतिशेष शिक्षकों की नई पदस्थापना की जानी है। नई व्यवस्था के तहत प्राइमरी स्कूलों में 2 शिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। विरोध के दौरान शिक्षक सुशील शर्मा ने नारेबाजी और प्रदर्शन किया। पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक गिरफ्तार कर लिया। अन्य शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों को काउंसिलिंग हॉल में प्रवेश नहीं दिया गया। शिक्षकों की सहमति से जारी हुआ आदेश जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास कुमार सिंह बघेल के मुताबिक, 248 सहायक शिक्षक और 5 प्रधान पाठकों को काउंसिलिंग में शामिल किया गया। इनमें से 246 शिक्षकों की सहमति से नई पदस्थापना के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इन मांगो को लेकर प्रदर्शन एक शिक्षक अनुपस्थित और एक ने सहमति नहीं दी। कुल 253 सहायक शिक्षकों को तत्काल पद स्थापना आदेश जारी किया गया। 10 जून तक ज्वाइन नहीं करने पर नए स्कूल के लिए भारमुक्त मानेंगे। त्रुटिवश 1 से ज्यादा शिक्षक पदस्थ होने पर नए एकल, शिक्षक विहीन स्कूल में आवंटन करेंगे। इन मांगों को लेकर शिक्षक संगठनों ने प्रदर्शन किया। शिक्षक साझा मंच जिला संचालक से छन्नू लाल साहू ने बताया कि ब्लॉक के बाद जिला स्तर पर दावा आपत्ति नहीं मंगाई गई और नहीं निराकरण किया गया। सीनियर और जूनियर को दरकिनार किया। आरोप यह भी है कि पहली नियुक्ति की तिथि का उल्लेख नहीं किया इसे छुपाया गया। ब्लॉक स्तर पर दावा आपत्ति के बाद नाम हटाया और जोड़ा गया उसकी सूचना नहीं दी गई। सबसे जरूरी बात 2008 के सेटअप का पालन नहीं किया गया। जहां 63 बच्चे है वहां शिक्षक दिया गया और 104 बच्चे वाले स्कूल में शिक्षक नहीं मिले हैं।


