राजनीतिक रसूख का उपयोग कर कार्रवाई से बचते रहे कारोबारी:टाउन-कंट्री प्लानिंग के नियम तोड़ खोले थे अवैध दरवाजे, रोज जाम में फंसते थे करीब 50 हजार लोग

पंडरी कपड़ा मार्केट की 17 दुकानों के अवैध दरवाजे सील सड़क की तरफ दुकानें खुलने से परेशान थे लोग, भास्कर ने लोगों की समस्या को उजागर कर व्यवस्था सुधारने चलाया था अभियान पंडरी कपड़ा मार्केट में सड़क की ओर खोले गए 17 दुकानों के अवैध दरवाजों को निगम ने मंगलवार को सील कर दिया है। कारोबारियों ने कार्रवाई का जबरदस्त विरोध किया। पूरा मार्केट इस कार्रवाई के विरोध में बंद कर दिया गया। कारोबारियों की निगम अफसरों से बहस भी हुई। कई राजनेताओं से भी संपर्क किया गया। उनसे हस्तक्षेप की मांग की गई। लेकिन राजनेताओं को जैसे ही पता चला कि दुकानों के दरवाजे नियम विरुद्ध खोले गए हैं, उन्होंने हस्तक्षेप करने से मना कर दिया। इन दुकानों की वजह से रोज आम लोग जाम में फंसकर परेशान होते थे। भास्कर ने आम लोगों की समस्या को उजागर करने मुहिम चलाई थी। उसके बाद निगम की ओर से नोटिस जारी किया गया था। महापौर मीनल चौबे ने खुद वहां पहुंचकर स्थिति देखी थी। उन्होंने सोमवार को ही संकेत दिए थे कि पंडरी में दुकानों के अवैध दरवाजों को बंद किया जाएगा ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। पंडरी कपड़ा मार्केट को आरडीए ने 1980 के दशक में बसाया था। उस समय यहां थोक मार्केट के हिसाब से दुकानें डिजाइन की गई थी। इसी हिसाब से टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने दुकानों का नक्शा पास किया था। पूरा मार्केट कवर्ड था। दुकानों के दरवाजे भीतर की ओर खोले गए थे। 2000 के बाद जिन कारोबारियों की दुकानें मेन रोड पर हैं, उन्होंने रोड की तरफ वाली दीवार तोड़ी और वहां शटर लगाकर दुकान का मुख्य गेट बना दिया। इन दुकानों में आने वाले ग्राहक अपनी गाड़ियां रोड पर खड़ी करने लगे। इस वजह से मुख्य रोड संकरी हो गईं और रोज लगभग 50 हजार से ज्यादा लोग जाम में फंसकर परेशान होते थे। अब दुकानों के अवैध दरवाजे सील होने से रोड पर गाड़ियां पार्क नहीं होंगी, इससे सड़क पर जाम नहीं लगेगा।
पंडरी मार्केट की रोड से देवेंद्रनगर, फाफाडीह व उसके आस-पास के इलाके की करीब दो दर्जन कालोनियों में रहने वाले आना जाना करते हैं। सुबह और शाम को भीड़ के पीक समय में जाम लग जाता था। कई बार तो लोग 15-15 मिनट तक जाम में फंसे रहते थे। लोगों की तकलीफों का कारोबारियों पर कोई असर नहीं पड़ता था। इन दुकानों के अवैध गेट किए गए हैं सील 1. अरिहंत कलेक्शन गेट नं-1
2. यूनी क्यू लक्ष्मी कलेक्शन
3. राहुल ड्रेसेस 4. जैन राखी
5. एसएसडी टींस एंड मेंस वियर हिरोइंस 6. रुपम एक्सक्लूसिव मेंस वियर 7. गोलछा गारमेंट्स गेट नं-2 के बाजू 8. पार्श्वनाथ टेक्सटाइल्स कंप्लीट होम डेकोर 9. रासप बेरी डेनीम 10. पदमावती जियो साड़ी 11. एटीट्यूड 12. सूज मेकर
13. विजय श्री सिंडीकेट
14. आरएस फेमरी फैशन
15. इंग्लिश बूट हाउस 16. सत्यम शिवम सुंदरम गेट नं. 5 के बाजू
17. अल्का टेक्सटाइल्स पंडरी कपड़ा मार्केट के विवाद को इन सवालों के जवाब से समझें… सवाल : मार्केट में कार्रवाई क्यों?
जवाब: कारोबारियों को परिसर के भीतर कारोबार करना है। उन्होंने सड़क की तरफ शटर लगाकर अवैध दरवाजे खोले हैं।
सवाल : क्या इस सड़क से आने-जाने वालों को परेशानी हो रही?
जवाब : रोड की तरफ गेट खुलने से कारोबारी और उनके ग्राहक दुकान के सामने कारें खड़ी कर रहे। जाम लग रहा।
सवाल : कैसे नियम विरुद्ध है सड़क की तरफ दुकानें खोलना?
जवाब :आरडीए ने बाजार को थोक कारोबार के लिए बनाया था। लेआउट में दुकानों का गेट परिसर के भीतर है।
सवाल : कारोबारियों ने कोर्ट
में याचिका लगाई थी, क्या हुआ?
जवाब: कोर्ट ने निगम को नियमत: कार्रवाई के आदेश दिए।
सवाल : कारोबारियों ने नियमितिकरण करा लिया है?
जवाब : अवैध निर्माण का नियमितीकरण हुआ अवैध दरवाजे खोलने का नियमितीकरण नहीं हो सकता।
सवाल : शपथ-पत्र देकर पूर्व में सीलबंद की कार्रवाई हटाई थी?
जवाब : व्यापारी शपथ पत्र दिए थे कि हम डिस्प्ले के लिए कांच लगाएंगे, लेकिन गेट खोल लिए। नियम सबके लिए है : मीनल चौबे नियम सबके लिए एक समान है। कारोबारी बताएं कि वे कहां पर सही हैं। कागज दिखाएं, मैं कार्रवाई रुकवा दूंगी। यदि कुछ गलत है और आम जनता को तकलीफ हो, यह मुझे बर्दाश्त नहीं।
मीनल चौबे, महापौर रायपुर

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