‘राजयोग ध्यान वो पद्धति, जो परमात्मा से संबंध-स्थापित करवाती हैं’:टोंक में ब्रह्मकुमारी का त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव संपन्न, शोभायात्राएं निकालीं

टोडारायसिंह में शिव ध्वजारोहण के साथ 90वीं त्रिमूर्ति शिव जयंती महोत्सव का समापन शुक्रवार को हुआ। महोत्सव 1 फरवरी से शुरू हुआ था, जिसने पूरे महीने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का विशेष संचार किया। साथ ही जन-जन को आत्मचिंतन और आत्मपरिवर्तन के लिए प्रेरित किया। महोत्सव के दौरान गांव, कस्बों एवं शहर के लगभग तीन दर्जन से अधिक स्थानों पर शिव ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किए गए। अनेक स्थानों पर शिव संदेश शोभायात्राएं निकाली गईं। उनके माध्यम से परमपिता शिव के शांति, पवित्रता और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाया गया। चैतन्य झांकियों और आध्यात्मिक नारों की गूंज रही। अपर्णा दीदी बोलीं- यह आत्म- जागृति का सशक्त माध्यम
ब्रह्माकुमारीज टोंक सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी अपर्णा दीदी ने कहा कि यह महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्म-जागृति का एक सशक्त माध्यम है। आज का मानव बाहरी उपलब्धियों में तो प्रगति कर रहा है, लेकिन भीतर से शांति और संतोष की तलाश में भटक रहा है। ऐसे समय में राजयोग ध्यान ही वह सरल और वैज्ञानिक पद्धति है, जो हमें स्वयं से जोड़कर परमात्मा से संबंध स्थापित कराती है। उन्होंने कहा कि आज परिवारों में बढ़ती दूरियां, समाज में तनाव और नैतिक मूल्यों की कमी इस बात का संकेत है कि हमें फिर से आध्यात्मिक आधार की ओर लौटने की जरूरत है। कार्यक्रम के दौरान टोडारायसिंह सेवा केंद्र प्रभारी ब्रह्माकुमारी पूनम दीदी ने सभी अतिथियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया और सभी सहयोगियों और उपस्थित श्रद्धालुओं के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आप सभी के सहयोग और समर्पण से ही यह महोत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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