राजसमंद के बड़ाभाणुजा गांव में 44 श्रेणी पालीवाल समाज की ओर से फरवरी धार्मिक व सामाजिक आयोजन होगा। इसे लेकर बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। बड़ाभाणुजा स्थित भगवान लक्ष्मी नारायण मंदिर के जीर्णोद्धार, ध्वज-कलश एवं ध्वजादंड स्थापना महोत्सव और अखिल भारतीय पालीवाल समाज महासम्मेलन के कार्यक्रमों को लेकर मंगलवार को समाज के पंचों-प्रतिनिधियों की बैठक हुई। निमंत्रण पत्र बांटे मंदिर परिसर में अखिल भारतीय पालीवाल समाज के पंचों की मौजूदगी में आयोजन के निमंत्रण पत्र वितरित किए गए। पालीवाल समाज के अध्यक्ष शंकरलाल पुरोहित ने बताया कि 11 व 12 फरवरी को मंदिर नव जीर्णोद्धार के उपरांत कलश एवं ध्वजादंड की स्थापना की जाएगी। 23 व 24 फरवरी को मेवाड़ में पहली बार पालीवाल समाज के सात स्वरूपों का ऐतिहासिक महामिलन आयोजित होगा। इसमें देशभर से समाज के लोग पहुंचने की संभावना है। इस महोत्सव में लक्ष्मी नारायण भगवान मंदिर बड़ा भानुजा (44 श्रेणी), श्री चारभुजा नाथ खमनोर (24 श्रेणी), श्री चारभुजा नाथ चिकलवास, श्री लक्ष्मी नारायण भगवान गवारड़ी, श्री द्वारिकाधीश जी चंदेश्वर खेड़ा तथा श्री चारभुजा नाथ सेमटाल गांव के स्वरूप एक साथ विराजमान होंगे। पूरे गांव को सजाया जा रहा पालीवाल समाज के सबसे बड़े गांव बड़ाभाणुजा में होने वाले आयोजन को लेकर भामाशाह व समाजसेवी चंद्रशेखर पुरोहित ने बताया- तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं। आयोजन को लेकर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्सव का माहौल है और पूरे गांव को दुल्हन की तरह सजाया जा रहा है। इस महाउत्सव के प्रमुख मनोरथी एवं समाजसेवी चंद्रशेखर पुरोहित के साथ समस्त पालीवाल समाज बड़ाभाणुजा आयोजन को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वहीं तैयारियों के तहत अखिल भारतीय पालीवाल समाज की 44 श्रेणी, 24 श्रेणी, मेनारिया ब्राह्मण समाज, बड़ा पालीवाल ब्राह्मण समाज, 16 खेड़ा पालीवाल ब्राह्मण समाज, 12 खेड़ा पालीवाल ब्राह्मण समाज सहित देशभर में निवासरत पालीवाल ब्राह्मण समाज के प्रबुद्धजनों व पंचों को लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रांगण में आमंत्रित कर निमंत्रण पत्र प्रदान किए गए।


