राजस्थानी मैनेजर की कश्मीरी पत्नी 12 महीने से बंधक:जॉब के दौरान हुआ था प्यार; हाईकोर्ट का आदेश- CRPF-सेंट्रल फोर्स की मदद से ढूंढे पुलिस

‘मेरी पत्नी शकीला अख्तर 12 महीने से किडनैप है। परिजनों ने उसे बंधक बना रखा है। उसकी दूसरी शादी करा दी। मुझे मेरी मोहब्बत से मिला दो, नहीं तो मैं जी नहीं पाऊंगा।’ ये दर्द है नागौर के सुदरासन गांव निवासी प्राइवेट कंपनी के मैनेजर जितेंद्र सिंह का। उनकी 24 साल की कश्मीरी पत्नी शकीला, पिछले एक साल से लापता बताई जा रही है। मामला हाईकोर्ट पहुंचा। हाईकोर्ट ने ढूंढने का आदेश दिया। लेकिन राजस्थान पुलिस ने कहा- आतंक प्रभावित इलाके में जम्मू-कश्मीर पुलिस का अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने से शकीला को नहीं ढूंढ पाए। 29 जनवरी को ही हाईकोर्ट ने शकीला को ढूंढने के लिए CRPF और सेंट्रल फोर्सेज के साथ संयुक्त सर्च ऑपरेशन के निर्देश दिए हैं। पढ़िए- पूरी स्टोरी…. जम्मू में जॉब के दौरान हुई थी मुलाकात जितेंद्र सिंह ने बताया- साल 2023 में मैं जम्मू में एक प्राइवेट कंस्ट्रक्शन कंपनी में बतौर साइट मैनेजर पोस्टेड थे। कंपनी में जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले के हैसिदार गांव की रहने वाली शकीला की मां रेशमा भी काम करती थी। मेरी उससे जान-पहचान हो गई थी। रेशमा जम्मू में ही किराए के मकान में अपने पति मोहम्मद इकबाल बुमला और दो बेटियों के साथ रहती थी। उन्होंने बताया- मैं कभी-कभी रेशमा के घर उसके परिवार वालों से मिलने जाता था। इसी दौरान शकीला से दोस्ती बढ़ी। धीरे-धीरे दोस्ती प्यार में बदल गई। इस बीच इस बात की जानकारी शकीला के पिता मोहम्मद इकबाल और मां रेशमा को भी लग गई थी। पहले तो वो नाराज हुए, लेकिन बाद में उन्होंने हमारे रिश्ते पर चुप्पी साध ली। अब मैं और शकीला एक तरह से एक साथ लिव इन में रहने गए थे। इस दौरान मैंने शकीला के अम्मी और अब्बू को जरुरत पड़ने पर तकरीबन 6 लाख रुपए देकर आर्थिक मदद भी की। करीब दो साल बाद मैंने और शकीला ने शादी कर राजस्थान में अपने घर शिफ्ट होने का डिसीजन लिया। हमने 16 फरवरी 2025 को फिरोजपुर (पंजाब) के एक मंदिर में शादी की। अगले दिन वहीं के कोर्ट में एक-दूसरे के साथ लिव इन में रहने और शादी कर लेने के बयान दर्ज करवाए। इसके बाद राजस्थान के लिए रवाना हो गए। जितेंद्र सिंह बताते हैं- कुछ दिन बाद ही शकीला के माता-पिता हमारी शादी और राजस्थान लौटने पर नाराज हो गए। इधर हमारी शादी का पता शकीला के गांव में उसके समाज वालों और रिश्तेदारों को लग गया। इसके बाद शकीला को वापस लाने और उसकी शादी अपने समाज के ही किसी कश्मीरी लड़के से कराने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। शकीला के परिजनों ने दर्ज करवाई गुमशुदगी शकीला के परिजनों ने जम्मू के सतवारी थाने में शकीला की गुमशुदगी दर्ज करवा दी। ऐसे में सतवारी थाना पुलिस शकीला को ढूंढने राजस्थान पहुंच गई। 22 फरवरी 2025 को सरदार शहर पुलिस के सहयोग से सतवारी थाना पुलिस ने पकड़ लिया। दोनों को जम्मू ले जाया गया। जितेंद्र सिंह के मुताबिक शकीला ने थाने में मेरे खिलाफ कोई बयान नहीं दिया, ऐसे में वहां की पुलिस ने मुझे छोड़ दिया। वहीं, शकीला को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जितेंद्र सिंह ने बताया कि उसने पहले सरदार शहर थाना पुलिस और बाद में जम्मू की सतवारी पुलिस को सभी एविडेंस दिखाए। बताया कि शकीला मेरी लीगल पत्नी है और दोनों अपनी मर्जी से राजस्थान आए हैं। वहीं शकीला ने भी यही बातें दोहराई थी। बावजूद इसके मेरी एक नहीं सुनी गई। आखिरकार वो परेशान होकर राजस्थान लौट गया। शकीला से होती थी फोन पर बातें जितेंद्र सिंह के मुताबिक उसकी और शकीला की मोबाइल पर बातें हो रही थी। उसके मम्मी-पापा भी संपर्क में थे। उनकी बातचीत से भरोसा था कि शकीला को कुछ दिन बाद राजस्थान भेज देंगे। ये सब कुछ अक्टूबर 2025 तक चलता रहा। एक दिन शकीला ने फोन कर बताया कि उसकी किसी दूसरे लड़के से शादी का प्रयास किया जा रहा है और वह शादी नहीं करना चाहती। शकीला ने अपना वीडियो बनाकर भी भेजा, जिसमें वो कह रही है कि वो मेरे साथ रहना चाहती है और उसे पुलिस केस करके मैं उसे ले जाऊं। जितेंद्र ने तत्काल अपने परिचितों से बात की। जोधपुर हाईकोर्ट में अपनी पत्नी को उसके घर पहुंचाने के लिए 28 अक्टूबर 2025 बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर दी। याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने डीडवाना कुचामन के बरड़वा थाने के सीआई महेंद्र सिंह पालावत को शकीला को ढूंढ कर लाने के निर्देश दिए थे।
जम्मू-कश्मीर पुलिस पर सहयोग नहीं करने का आरोप बरड़वा थाने के सीआई महेंद्र सिंह पालावत ने बताया हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद पूरे मामले की जानकारी ली गई। एक स्पेशल टीम लेकर वो खुद जम्मू के अनंतनाग जिले के हैसिदार गांव में शकीला को ढूंढने पहुंचे। अलग-अलग जगहों पर शकीला की तलाश की गई। लेकिन उसका कोई पता नहीं चल पाया। इंचार्ज महेंद्र सिंह ने बताया कि आतंक प्रभावित क्षेत्र और वहां की अलग परिस्थितियों में जम्मू-कश्मीर की लोकल पुलिस ने अपेक्षित सहयोग नहीं किया। इसके चलते कामयाबी नहीं मिली। शकीला के परिजनों पर भी गुमराह करने का आरोप बरवाड़ा सीआई महेंद्र सिंह पालावत के अनुसार वहां की लोकल पुलिस ने बताया था कि शकीला और उसके परिजनों ने भी जम्मू और कश्मीर हाईकोर्ट में खुद के वहीं रहने को लेकर एक याचिका लगा रखी हैं। हालांकि इसके संबंध में उन्हें कोई ऑफिशियल जानकारी नहीं मिल पाई। जितेंद्र सिंह के एडवोकेट जयंत गर्ग ने बताया कि याचिका के संबंध में जांच की तो उन्हें जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की वेबसाइट पर कोई भी रिकॉर्ड नहीं मिल पाया। इस बात की जानकारी 29 जनवरी को राजस्थान हाईकोर्ट (जोधपुर) को भी दी गई। इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया है कि जितेंद्र सिंह की पत्नी शकीला को हर हाल में ढूंढा जाए, इसके लिए CRPF और पैरामिलिट्री फोर्स राजस्थान पुलिस की मदद करेगी।

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