एनएसओ द्वारा स्वास्थ्य पर घरेलु उपचीय सर्वेक्षण और दूरसंचार व्यापक मॉड्यूलर सर्वेक्षण (सीएमएस-टी टी एवं असंगठित यत्र के उद्यामी का वार्षिक सर्वेक्षण (एएसयूएई) पर परसेत्रीय प्रशिक्षण शिविर भारत सरकार के सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, क्षेत्रीय कार्यालय, जयपुर द्वारा राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के 40वें दौर और असंगठित क्षेत्र के उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण के लिए अधिकारियों/कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए गुरुवार से दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर, जगपुर के कन्निोंस हॉल में क्षेत्रीग प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय कार्यशाला उपनिदेशक हंसराज यादव, उत्तरी अंचल उपमहानिदेशक हरदीप सिंह चोपड़ा और निदेशक उमेश कुमावत के मार्गदर्शन में दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है। एसयूएसई, एनएसओ को और से किया जाने बाला प्रमुख सर्वेक्षण है। यया सर्वेक्षण जनवरी 2025 से दिसंबर 2025 तक किया जाएगा। यह विनिर्माण व्यापार और अन्य सेवा क्षेत्री (निर्माणा को कर) में असंगठित गैर-कृषि प्रतिष्ठानों की आर्थिक और परिचालन विशेषताओं को शामिल करने पर केंद्रित है। यह क्षेत्र भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है, जी रोजगार, सकल घरेलू उत्पाद(जीडीपी) और समय सामाजिक-आर्थिक परिदृश्य में महत्वपूर्ण योगदान देना है। क्षेत्रीय कार्यालय जयपुर व उपक्षेत्रीय कार्यालय श्रीगंगानगर, कोटा और अलवर के अधिकारियों को सर्वेक्षणों के लिए प्रतिक्षण दिया जा रहा है। 01 जनवरी, 2025 से 31 दिसंबर, 2025 तक राष्ट्रीय प्रतिवर्श सर्वेक्षण (एनएसएस) का 80वां दौर आयोजित किया जा रहा है। एनएमएस के इस 8वें दौर के अंतर्गत राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा 01 जनवरी, 2025 से 31 दिसंबर, 2025 तक स्वास्थ्य पर घरेलू उपभोग सर्वेक्षण संचालित किया जाएगा तथा 01 जनवरी, 2025 से 31 मार्च, 2025 तक दूरसंचार पर व्यापक मॉड्यूलर सर्वेक्षण (सीएमएसटी) आयोजित किया जाएगा। एनएसएस के 80वें दौर की पद्धति को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि एक ही लिस्टिंग का उपयोग कर के विभिन्न विषयों पर पर लघु अवधि के के सर्वेक्षण किया जा सके। स्वास्थ्य पर घरेलू उपभोग के सर्वेक्षण के तहत देश के सहरी और ग्रामौग क्षेत्रों में देशव्यापी सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसके माध्यम से रुग्णता को व्यापा स्वास्थ्य सेवाओं का उपयोग, अस्पताल में नहीं। और चिकित्सा देखानाल, संक्रामक रोग, प्रसव और मातृ स्वास्थ्य, बच्चों का टीकाकरण, भूजुर्ग आबादी का स्वास्थ्य रुग्णता और अस्पताल में भर्ती होने के सकतकों पर डेटा एकत्र किया जाएगा। दूरसंचार पर व्यापक मॉड्यूलर सर्वेक्षण (सीएमएस टी) दूरसंच्छर और सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) की स्थिति पर आवश्यक डेटा एकत्र करने के लिए एक महत्वपूर्ण उपकरण के रूप में काम करेगा। इस सर्वेक्षण के मुख्य उद्देश्य डेटा की कमी की पहचान करना, दूरसंचार से संबंधित संत्रितक एकत्र करना, आईसीटी साक्षरता और कौशल के स्तर का आकलन करना, दूरसंचार और आईसीटी क्षेत्रों में मौजूदा नीतिगा जरूरत को पहचान करना है। इस अवसर पर डॉ.हरदीप सिंह चोपड़ा (आईएसएस), उप महानिदेशक उत्तर अंचल कार्यालय, डॉ. इंसराज नाचव, (आई. एस. एस), उप महानिदेशक, क्षेत्रीय कार्यालय, जवपुर व उमेश कुमावत(आई.एस.एस), निदेशक उत्तर अंचल कार्यालय भाग लेंगे। राजस्थान सरकार के आर्थिक एवं संख्यिकी निदेशालय के अशोक कुमार वर्मा, संयुक्त निदेशक और अन्य अधिकारीगण भो प्रतिभागी के रूप में मौजूद थे।


