राजस्थान के CRPF जवान का कंकाल मध्यप्रदेश के नीमच छावनी परिसर (कैंट एरिया) में मिला। जवान 44 दिन से लापता था। आखिरी बार पत्नी से फोन पर बात हुई थी। तब जवान ने 50 दिन की छुट्टी लेकर घर आने की बात कही थी। जवान नंदकिशोर प्रजापति (42) पुत्र अमरचंद प्रजापति राजसमंद के भीम कस्बे के कुम्हार मोहल्ला के रहने वाले थे। मंगलवार को सैन्य सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले जवान के सम्मान में तिरंगा यात्रा निकाली गई। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सफाई के समय झाड़ियों में मिला कंकाल छोटे भाई महेंद्र सिंह ने बताया- नंदकिशोर प्रजापति 2004 में CRPF में भर्ती हुए थे। 8 फरवरी को नीमच छावनी परिसर में सफाई के दौरान कर्मचारियों को झाड़ियों में कंकाल मिला। उन्होंने CRPF अधिकारियों को सूचना दी। CRPF से सूचना मिलने पर 8 फरवरी की रात को नंदकिशोर के दोनों बेटे पंकज और राहुल समेत 20 से ज्यादा परिजन नीमच के लिए रवाना हुए। 9 फरवरी की सुबह CRPF अधिकारियों ने शिनाख्त करवाई। पुष्टि करने के बाद नीमच जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी में पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन सोमवार देर रात तक बॉडी को लेकर भीम पहुंचे। आखिरी बार पत्नी से हुई थी बात महेंद्र सिंह ने बताया- भाई ने गंगादेवी (पत्नी) से 26 दिसंबर 2025 की रात फोन पर बात की थी। उन्होंने बताया था कि ड्यूटी खत्म कर 27 दिसंबर को 50 दिन की छुट्टी लेकर घर के लिए रवाना होंगे। 27 और 28 दिसंबर तक जब वह घर नहीं पहुंचे तो परिजन चिंतित हो गए। कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। रूम पार्टनर CRPF जवान मांगीलाल से पता चला कि 27 दिसंबर को नंदकिशोर घर जाने के लिए निकले थे, लेकिन उनका सामान कमरे में ही पड़ा हुआ था। उनके दो मोबाइल में से एक फोन कमरे में ही पड़ा था, जबकि दूसरा मोबाइल गायब था। भाई महेंद्र सिंह ने बताया- अनहोनी की आशंका के चलते 28 दिसंबर 2025 को परिजनों के साथ नीमच (मध्यप्रदेश) पहुंच गए। CRPF अधिकारियों से पूछने पर कहा कि नंदकिशोर छुट्टी लेकर गया है। वापस आने पर ही कुछ बता सकते हैं। आसपास के गांवों में तीन दिन तक तलाश करते रहे। CRPF और स्थानीय पुलिस ने पूरी मदद की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। गुमशुदगी दर्ज करवाकर लौट आए थे भाई महेंद्र सिंह ने बताया- 1 जनवरी 2026 को नीमच थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। इसके बाद परिजन गांव लौट आए थे। 8 फरवरी को देर शाम पुलिस ने छावनी क्षेत्र में मिले कंकाल की पहचान नंदकिशोर के रूप में की। फिलहाल मौत की वजह फॉरेंसिक जांच के बाद स्पष्ट हो पाएगी। कैंट थाना पुलिस मामले की जांच कर रही है। … ये खबर भी पढ़ें… सीकर के अग्निवीर को मासूम भतीजों ने दी अंतिम विदाई:पार्थिव देह देखकर बिलख पड़ीं मां और बहन, पिता ने हाथ जोड़कर किया नमन पश्चिम बंगाल में शहीद हुए सीकर के अग्निवीर करणसिंह राठौड़ (22) का बुधवार को अंतिम संस्कार किया गया। श्रीमाधोपुर के कंचनपुर-जोरावरनगर गांव में चार मासूम भतीजों ने करणसिंह को मुखाग्नि दी। (पूरी खबर पढ़ें)


