राजीविका स्टेट ब्रांड एंबेसडर रूमादेवी ने जवाहर कला केंद्र, जयपुर में आयोजित सरस राज सखी राष्ट्रीय मेले में अलग अलग हस्तनिर्मित उत्पादों को लेकर आई महिला हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहित किया। यह मेला 30 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें देशभर से 300 से अधिक स्वयं सहायता समूहों की महिला सदस्य अपने हस्तनिर्मित उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं। डॉ. रूमादेवी ने मेले में प्रदर्शित विभिन्न हस्तशिल्प उत्पादों और स्टॉल्स का अवलोकन किया और महिलाओं की मेहनत और समर्पण की सराहना की। उन्होंने खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्र की महिला हस्तशिल्पियों के उत्पादों को देखा और उनके हौसले को बढ़ाया। सेमिनार सत्र में डॉ. रूमादेवी ने देशभर से आई महिला हस्तशिल्पियों को अपने उत्पादों के निर्माण, पैकेजिंग और मार्केटिंग के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने महिला उद्यमियों को प्रेरित करते हुए विशेष रणनीतियों के बारे में मार्गदर्शन दिया, ताकि वे अपने उत्पादों को प्रभावी ढंग से प्रदर्शित कर सकें और व्यापारिक सफलता प्राप्त कर सकें। रूमादेवी ने मेले में महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए आयोजित इस आयोजन की सराहना की और महिलाओं को व्यापार के क्षेत्र में मजबूत बने रहने का आह्वान किया। इस मेले में राजस्थान के चूरमा दाल बाटी, सिक्किम के मोमोज, पश्चिम बंगाल के पेटी सेपटा जैसे विभिन्न पारंपरिक व्यंजनों के अलावा, 250 से अधिक भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। मेले में ग्रामीण हस्तनिर्मित उत्पादों और खाद्य पदार्थों को लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।


