राजस्थान क्रिकेट संघ (आरसीए) अब देवस्थान विभाग के तहत रजिस्ट्रेशन कराने की तैयारी कर रहा है। एक विज्ञापन प्रकाशित कर आपत्तियां भी मांगी हैं। करोड़ों का टैक्स बचाने के लिए यह प्रक्रिया अपना रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के 2022 के आदेश के तहत यदि आयकर में छूट लेनी है तो उस राज्य के चैरिटेबल ट्रस्ट में संस्था का रजिस्टर होना आवश्यक है। आयकर विभाग का भी साफ निर्देश है कि टैक्स में छूट चाहिए तो खेल संस्थाओं को चैरिटेबल ट्रस्ट में रजिस्टर कराना जरूरी होगा, वरना छूट नहीं मिलेगी। यही कारण है कि आरसीए कन्वीनर डीडी कुमावत ने 3 फरवरी 2025 को देवस्थान विभाग में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए लिखा था। हालांकि बाद में हाईकोर्ट ने उन पर ही आरसीए में काम करने रोक लगा दी थी। आरसीए के सीए श्याम अग्रवाल ने कहा, ‘आरसीए को आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 12A/12AB में आयकर छूट संबंधी प्रक्रिया में एक नोटिस प्राप्त हुआ है। टैक्स में छूट चाहिए तो चैरिटेबल ट्रस्ट में रजिस्ट्रेशन कराना होगा, इसीलिए देवस्थान विभाग में आवेदन किया है। जब आरसीए चैरिटेबल ट्रस्ट में रजिस्टर होगा, तब डोनेशन देने वाले को भी 80जी के तहत छूट मिलेगी। इससे स्पोर्ट्स एक्ट व सहकारी संस्था में रजिस्टर से फर्क नहीं पड़ता। अभी प्रक्रिया शुरू हुई। पूरी जांच-पड़ताल के बाद भी सरकारी स्तर पर फाइनल फैसला होगा। बीसीसीआई के पास 65 करोड़ रुपए बकाया बीसीसीआई के पास आरसीए का पिछले दो साल का 65 करोड़ रुपए बकाया है। इसका जीएसटी इनपुट भी बीसीसीआई ले चुका है। अगर आरसीए चैरिटेबल ट्रस्ट में रजिस्टर नहीं हुआ तो जब भी आरसीए के ये पैसा मिलेगा 20 करोड़ रुपए टैक्स लगेगा।


