राजस्थान विधानसभा में बुधवार को उपमुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री दीया कुमारी ने 2026-27 का बजट पेश किया। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, युवा रोजगार, महिलाओं और किसानों के लिए कई घोषणाएं की गईं, लेकिन श्रीगंगानगर के व्यापारियों और किसानों ने इसे निराशाजनक करार दिया। दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भूपेंद्र पाल आहूजा ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा- सरकार ने केकेएफ और यूजर चार्ज के नाम से जो शुल्क लगाया है, उसे हटाया जाना चाहिए था। हम इसकी मांग लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन बजट में इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। अच्छी बात ये है कि इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 3 हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो स्वागत योग्य है। लेकिन कुल मिलाकर व्यापारियों के हितों की कोई खास बात नहीं की गई। किसान सुरेंद्र धारणियां ने कहा- बजट में एमएसपी की कोई गारंटी नहीं दी गई, जबकि किसानों को इसकी बहुत उम्मीद थी। सरकार से अपेक्षा है कि जल्द ही एमएसपी पर नोटिफिकेशन जारी हो। डेढ़ सौ रुपये बोनस की घोषणा तो पिछली बार की थी, लेकिन भाजपा सरकार बोनस के नाम पर किसानों को उलझाए रखती है। न फसल की समय पर लिफ्टिंग होती है, न खरीद। किसान इधर-उधर भटकता रहता है और आखिरकार निजी व्यापारियों को सस्ते में फसल बेच देता है। बोनस सिर्फ सरकारी फाइलों तक सीमित रह जाता है। आढ़त व्यापारी रायसिंह कुलड़िया ने बजट को पूरी तरह ‘रटा-रटाया’ बताया। उन्होंने कहा- इस बजट में न किसानों के लिए कुछ खास है और न ही व्यापारियों के लिए। डिग्गियों के अनुदान की बात कुछ हद तक सही है, इससे फायदा मिल सकता है। लेकिन किसान कल्याण योजना के नाम पर लगाया गया शुल्क न किसानों के हित में है और न ही व्यापारियों के। किसानों को बोनस देने की कोई नई बात नहीं कही गई। पढ़िए- जिले से जुड़ी बड़ी घोषणाएं करोड़ों की लागत से होगा सड़क निर्माण सिंचाई और नहरों का होगा विकास लालगढ़ जाटान में हैंडबाल अकादमी की सौगात


