दिसंबर (2025) तक राजस्थान में सर्दी लगभग नदारद रहीI फिर जनवरी (2026) के तीसरे हफ्ते में मौसम ने अचानक करवट ली। शेखावाटी में पारा माइनस में पहुंचा। कई जिलों में हल्की बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। सर्दी बढ़ गई। अब सवाल यह है कि क्या फरवरी में भी मौसम ऐसे ही चौंकाएगा? मौसम विभाग की मानें तो पश्चिमी विक्षोभ के कारण फरवरी में भी आधे महीने सर्दी का असर हमेशा की तुलना में ज्यादा रहेगा। ओलावृष्टि भी हो सकती है, जो कई फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकती है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… बाड़मेर में 308% मावठ, पांच जिले सूखे
जनवरी में मौसम ने मावठ की दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाईं। रेगिस्तानी इलाकों बाड़मेर, जैसलमेर और जालोर में मावठ हुई। दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़ और नागौर जिला सूखे ही रहे। जनवरी में बाड़मेर में सामान्य से 308 फीसदी ज्यादा मावठ हुई। मौसम विभाग इसे ‘सामान्य पश्चिमी विक्षोभों वाला साल’ बता रहा है। जनवरी में प्रदेश में सामान्य (3.6 मिमी) की तुलना में 4.9 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जो 39% ज्यादा है। आईएमडी (IMD) के मुताबिक सर्दियों में 10 मिमी बारिश भी ‘अच्छी’ मानी जाती है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, मावठ का यह असंतुलन फरवरी में रबी फसलों की सेहत और तापमान के उतार-चढ़ाव दोनों की परीक्षा ले सकता है। 7 जिले रह गए सूखे : बांसवाड़ा, डूंगरपुर, सिरोही, प्रतापगढ़, नागौर में बिल्कुल मावठ नहीं हुई। उदयपुर में 0.2 व चितौड़गढ़ में 1.5 एमएम मावठ हुई।
जनवरी में 3 सिस्टम रहे एक्टिव, 4 बिना बरसे गुजरे मौसम केंद्र, जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा कहते हैं- दिसंबर में सटीक अनुमान लगाया था कि इस साल की सर्दी सामान्य रहेगी। प्रदेश में सर्दी कितनी कड़ाके की पड़ेगी, यह पूरी तरह पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) की सक्रियता पर निर्भर करता है। आमतौर पर सर्दियों में एक महीने में 5 से 6 पश्चिमी विक्षोभ आते हैं। जनवरी में ऐसे 3 सक्रिय विक्षोभ 31 दिसंबर–1 जनवरी, फिर 22–23 जनवरी, 26–27 जनवरी में एक्टिव रहे। इसके चलते, कहीं हल्की बारिश, कहीं ओलावृष्टि हुई। शेखावाटी में कुछ दिनों तक पारा माइनस तक गया, लेकिन यह सब सीमित अवधि (1-2 दिन) तक ही रहा। इसके अलावा जनवरी में 4 पश्चिमी विक्षोभ आए तो सही लेकिन बिना बारिश किए ही गुजर गए। हालांकि इसका मतलब ये कतई नहीं कि वो निष्क्रिय रहे। पश्चिमी विक्षोभ एक बड़े इलाके को प्रभावित करते हैं। ऐसे में जो विक्षोभ राजस्थान में नहीं बरसे वो पहाड़ी इलाकों और अन्य राज्यों में बरस सकते हैं। उन्होंने बताया कि जनवरी में 2–3 दिन ही पाला पड़ा। उत्तरी-पश्चिमी हवाओं और पहाड़ों में बर्फबारी का असर मैदानी इलाकों तक देखने को मिला, जिससे शीतलहर और कोहरे की स्थिति भी बनी। मौसम विभाग के अनुसार जमीन नहीं, हवा का तापमान सर्दी की तीव्रता तय करता है। इसी कारण कई जगह पाला पड़ा। फरवरी में भी सक्रिय रहेंगे पश्चिमी विक्षोभ
मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी के तीसरे सप्ताह से शुरू हुआ सर्दी का यह सितम फरवरी में भी जारी रहेगा। 31 जनवरी से 3 फरवरी के बीच एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव होगा इससे बारिश, ओलावृष्टि और हवा में नमी बढ़ेगी। इसके बाद 6–7 फरवरी, 9–10 फरवरी और 11–15 फरवरी के बीच अलग-अलग स्पेल्स में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहेंगे। इसके चलते फरवरी के दूसरे सप्ताह तक सर्दी का असर बना रहेगा। बारिश से नमी बढ़ेगी, इसलिए पाला जमने की स्थिति कम बनेगी। कोहरा रहेगा, जो रबी के लिए फायदेमंद है। दुर्गापुरा कृषि अनुसंधान केंद्र के प्रोफेसर केसी गुप्ता का कहना है कि जनवरी में ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है। बारिश वरदान साबित हुई। फरवरी में भी हो सकती है ओलावृष्टि
मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्थान में ओलावृष्टि होने की चेतावनी जारी की है। जो फसलें पककर तैयार हो रही हैं, उनके लिए ये ओलावृष्टि नुकसानदायक हो सकती है। इसके अलावा जालोर, पाली, जोधपुर, बाड़मेर, जैसलमेर में जीरा, धनिया, ईसबगोल, हल्दी जैसी मसाला फसलें भी काफी सेंसिटिव हैं। इन फसलों के लिए 8 से 10 डिग्री तापमान अनुकूल माना जाता है। अगर फरवरी में तापमान 6 से 7 डिग्री तक गया तो जोखिम बढ़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक, फरवरी का पहला पखवाड़ा किसानों के लिए निर्णायक रहेगा। एक ओर जहां मावठ रबी की पैदावार बढ़ा सकती है, वहीं ओलावृष्टि और तापमान में गिरावट नुकसान का जोखिम भी साथ लाएगी। मौसम विभाग का कहना है कि आमतौर पर 15 से 20 जनवरी के बाद दिन का तापमान बढ़ने लगता है। इस बार की सर्दी ने प्रदेश में कई उलटफेर दिखाए हैं, लेकिन किसानों के लिए यह उम्मीद की किरण भी लेकर आई है। अगर फरवरी में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय रहे तो रबी की फसल के लिए यह मौसम अच्छा साबित हो सकता है। —————— मौसम की यह खबर भी पढ़िए… राजस्थान में आज बारिश और ओले गिरने का अलर्ट:तेज हवा चलेगी, 12 जिलों में बदलेगा मौसम; जानिए- कहां रहेगा असर मौसम केन्द्र जयपुर ने शनिवार को 12 जिलों में ओले-बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, शुक्रवार को राजस्थान में कड़ाके की सर्दी और सर्द हवाओं से शुक्रवार को थोड़ी राहत रही। पढ़ें पूरी खबर…


