देश में थ्रोम्बोसिस (खून का थक्का जमने संबंधि बीमारी) और उससे होते हार्ट अटैक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने राजस्थान के हर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) के स्तर पर इसके प्रारंभिक इलाज की सुविधा विकसित करने की घोषणा की है। इसके लिए हर सीएचसी स्तर पर ईसीजी टेक्नीशियन लगाए जाएंगे। फैसले का कर्मचारी संघ ने किया स्वागत सरकार के इस फैसले का राजस्थान ईसीजी टेक्नीशियन कर्मचारी संघ ने स्वागत किया है। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सरकार सीएचसी स्तर पर ईसीजी टेक्नीशियन नियुक्त कर रही है, जिसका मरीजों को फायदा होगा, लेकिन सरकार बड़े हॉस्पिटलों में इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही। जयपुर में एक भी स्थायी पद स्वीकृत नहीं जयपुर के ही प्रमुख बड़े हॉस्पिटलों ट्रॉमा सेंटर, महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट, एसएमएस हॉस्पिटल, जे.के. लोन हॉस्पिटल, जनाना हॉस्पिटल चांदपोल में ईसीजी टेक्नीशियन का एक भी पद स्थायी तौर पर नहीं है। यहां तमाम कर्मचारी या तो मेडिकल कॉलेज से एडहोक में लगे हैं या फिर संविदा पर। वहीं जयपुर में अलग-अलग स्थानों पर बने सैटेलाइट हॉस्पिटलों में भी ईसीजी टेक्नीशियन का एक भी स्थायी पद स्वीकृत नहीं है।


