राजस्थान में सरकार ने 1.74 लाख से ज्यादा लोगों की सामाजिक सुरक्षा पेंशन रोक ली है। पेंशन रोकने के सरकार की ओर से कई कारण बताए गए हैं। सरकार की ओर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 1250 रुपए मिलते हैं। इस बार के बजट में इसमें 50 रुपए बढ़ाए गए हैं। कांग्रेस विधायक भगवाना राम सैनी के सवाल पर सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने पेंशन रोकने का ब्योरा दिया।राजस्थान में करीब 91 लाख लोगों को यह पेंशन मिलती है। पिछले दो साल में सबसे ज्यादा बांसवाड़ा और झालावाड़ जिलों में पेंशन रोकी गई। बांसवाड़ा में 34163, झालावाड़ में 25970, अलवर में 14073, भीलवाड़ा में 12401, अजमेर में 9647, बारां में 9623 और उदयपुर में 9282 लोगों की पेंशन रोकी गई है। जिन पेंशनर्स की पेंशन बैंक खाते की गलत डिटेल, डेटा मिसमैच और ई-मित्र से गलत डेटा फीड होने के कारण रोकी गई थी, उनका फिर से वेरिफिकेशन किया गया। वेरिफिकेशन के बाद 40,167 की पेंशन फिर से बहाल की गई है। अलवर में 6077, बांसवाड़ा में 6923, भीलवाड़ा में 5006, झालावाड़ में 3531, प्रतापगढ़ में 2234 पेंशनर्स की पेंशन वेरिफिकेशन के बाद फिर से शुरू की है। क्यों रोकी जाती है पेंशन
सामाजिक न्याय और अधिकारित विभाग के जवाब के अनुसार सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में पेंशनर्स की मौत होने, राज्य से बाहर शिफ्ट होने, परिवार से सरकारी नौकरी लग जाने और विधवा के फिर से शादी करने के कारण पेंशन से अपात्र मानकर स्टॉप पेंशन की कार्रवाई की जाती है। जिले में सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग के अफसर रोकी गई पेंशन के मामलों की फिर से जांच करते हैं। अगर वे पात्र पाए जाते हैं, तो पेंशन फिर से शुरू कर दी जाती है। रोकी गई पेंशन का एरियर सहित भुगतान किया जाता है। ये भी पढ़ें… कभी कुष्ठ रोग नहीं, फर्जी सर्टिफिकेट से उठा रहे पेंशन:राजस्थान में सामाजिक सुरक्षा पेंशन में करोड़ों का फर्जीवाड़ा, विभागों की पकड़ से दूर चालाकी राजस्थान में सामजिक सुरक्षा पेंशन योजना में करोड़ों का फर्जीवाड़ा हो रहा है। भास्कर इन्वेस्टिगेशन में सामने आया कि कई लोग फर्जी तरीके से कुष्ठ रोग फ्री पेशेंट बनकर हर महीने 2500 रुपए पेंशन उठा रहे हैं। ये फर्जीवाड़ा ई-मित्र संचालकों, पंचायत समिति व तहसील कर्मियों की मिलीभगत से हो रहा है।(पूरी खबर पढ़ें)


