राजस्थान से चंबल नहर में पानी की सप्लाई कम होने की वजह से सबलगढ़ इलाके में सिंचाई का संकट गहरा गया है। कोटा से पानी तो छोड़ा जा रहा है, लेकिन सबलगढ़ के सुनहरा हैड तक सिर्फ 1500 क्यूसेक पानी ही पहुंच पा रहा है, जबकि विभाग ने 2500 क्यूसेक की मांग की थी। पानी कम होने के कारण अब अंबाह और निचली चंबल नहर को एक साथ चलाना मुमकिन नहीं हो पा रहा है। प्रशासन ने अब दोनों नहरों के लिए 20-20 दिन का रोटेशन तय किया है। इसी के तहत बुधवार दोपहर 1 बजे अंबाह नहर के गेट बंद कर दिए गए और सारा पानी निचली चंबल नहर में डाइवर्ट कर दिया गया। किसानों की बढ़ी परेशानी नहरों के बारी-बारी से चलने के कारण किसानों को गेहूं की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। सिंचाई संस्थान के पूर्व अध्यक्ष बबलू सिंह जादौन ने बताया कि पहले नहर में 2200 क्यूसेक से ज्यादा पानी आता था, जिससे दोनों नहरें साथ चलती थीं। अब पानी कम होने से टेल (अंतिम छोर) तक पानी नहीं पहुंच रहा है, जिससे फसलें प्रभावित हो रही हैं। प्रशासन का पक्ष जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री दिनेश कुमार रत्नाकर के अनुसार, यह व्यवस्था जिला कलेक्टर के आदेश पर की गई है। राजस्थान से मांग के मुकाबले 1000 क्यूसेक पानी कम मिल रहा है, जिसकी वजह से रोटेशन सिस्टम अपनाना पड़ रहा है।


