राजस्व महाअभियान 3.0 का उद्देश्य प्रदेश के सभी भूमि स्वामियों की ई-केवाईसी सुनिश्चित करना है। अब ये खुद विभाग के अधिकारियों की वजह से संदेह के घेरे में है। दरअसल, जो अधिकारी अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं, उन्होंने खुद अपनी जमीन की ई-केवाईसी नहीं कराई है। भोपाल संभागायुक्त लगातार पटवारियों और आरआई को शत-प्रतिशत ई-केवाईसी का निर्देश दे रहे हैं, उन्होंने भी अपनी जिम्मेदारी पूरी नहीं की है। सूत्रों के मुताबिक इसके पीछे वजह ये है कि आधार से लिंक होने के बाद एक ही क्लिक में सारी संपत्ति का ब्योरा सामने आ जाएगा। इससे न केवल अभियान की साख प्रभावित हो रही है, बल्कि जनता के बीच इसे गंभीरता से न लेने की भावना को बढ़ावा मिल रहा है। ई-केवाईसी न कराने वाले आईएएस और उनकी संपत्तियां भोपाल और प्रदेश मे स्थिति सभी के लिए जरूरी, वरना ये कार्रवाई
{ई-केवाईसी न होने पर जमीन से संबंधित रिकॉर्ड पर रोक लगाई जा सकती है। {ई-केवाईसी के बिना भूमि स्वामी किसी भी सरकारी योजना का लाभ नहीं ले पाएंगे। {विलंब करने पर आर्थिक दंड भी लगाया जा सकता है। अफसरों की भी ई-केवाईसी होगी
हमारा मुख्य फोकस रेवेन्यू केसेस थे। इसमें अब अच्छी स्थिति है। ई-केवाईसी भी जरूरी है। अब पटवारियों को कहेंगे कि अफसरों की भी ई-केवाईसी करें। -विवेक पोरवाल, प्रमुख सचिव, राजस्व इसलिए जरूरी… जमीन का डिजिटल सत्यापन, फर्जी दावों की रोकथाम और अनधिकृत कब्जों पर अंकुश लगाने के लिए यह कवायद की जा रही है।


