मंत्री बोले-म्यूटेशन और अन्य जमीन संबंधित कार्यों को राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में लाएं राज्यवासी अब बार कोड से भी अपनी जमीन की रसीद कटा सकेंगे। भू-राजस्व मंत्री दीपक बिरुआ ने गुरुवार को अधिकारियों को बार कोड से जमीन की रसीद कटाने की सुविधा देने का निर्देश दिया। प्रोजेक्ट भवन में राजस्व संग्रहण पर हुई वर्चुअल बैठक में बिरुआ ने कहा कि अपनी ही जमीन की रसीद कटवाने के लिए लोगों को कचहरी और सरकारी कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है। बार कोड की सुविधा मिलेगी, लोग मोबाइल से ही जमीन की रसीद कटा सकेंगे। मंत्री ने कहा कि जमीन संबंधित मुद्दों पर आमजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राजस्व संग्रहण करें। म्यूटेशन समेत अन्य जमीन संबंधित कार्यों को राइट टू सर्विस एक्ट के दायरे में लाएं। अधिकारी ऐसे कार्यों को समय पर पूरा कराने की दिशा में काम करें। बैठक में पांचों प्रमंडलीय आयुक्त, विभागीय सचिव चंद्रशेखर, विशेष सचिव शशिप्रकाश झा समेत अन्य अधिकारी पदाधिकारी मौजूद थे। हरमू नदी के किनारे कब्जा करने वालों पर कार्रवाई करें अफसर मंत्री ने सरकारी जमीन के कब्जे मामले में भी सख्ती का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सरकारी जमीन पर जमाबंदी कायम है या नहीं, इसपर ध्यान दें। हरमू नदी के किनारे भी अनावश्यक रूप से कब्जा कर नदी को समाप्ति के कगार पर छोड़ा जा रहा है। इसपर विभागीय स्तर पर चर्चा कर आगे की कार्रवाई करने की रणनीति तय करें। जमशेदपुर की दो कंपनी से 2000 करोड़ रु. बकाया वसूली का प्रस्ताव चाईबासा आयुक्त ने जमशेदपुर की दो कंपनी से 2000 करोड़ रुपए की बकाया वसूली करने का प्रस्ताव रखा। मंत्री ने तुरंत आगे की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कई मामले हैं, जहां से वसूली होने पर राज्य के राजस्व में बढ़ोतरी होगी। इसपर काम करने की जरूरत है। लंबित म्यूटेशन की कठिनाइयों को दूर करें अफसर बैठक में लंबित म्यूटेशन की कठिनाइयों को दूर कर जमीन संबंधित राजस्व संग्रहण को सहूलियत बनाने पर जोर दिया गया। खासमहल जमीन के रिन्यूअल कराने के सुझाव पर अमल करने, सैरात की वसूली को सुविधाजनक बनाने, नीलाम पत्र वाद के निष्पादन का भी निर्देश दिया। लंबित कोर्ट केस की नियमित समीक्षा कर वरीय पदाधिकारियों द्वारा उसके अविलंब निष्पादन करने की हिदायत दी। मंत्री ने अंचल कार्यालयों में निरीक्षण करने और राजस्व बढ़ाने के लिए भी निर्देश दिए।


