राजाखेड़ा दंगल में अव्यवस्था, एसडीएम-तहसीलदार ने संभाली कमान:1.51 लाख की आखिरी कुश्ती बराबरी पर छूटी, कई पहलवान निराश लौटे

धौलपुर जिले के राजाखेड़ा कस्बे में शनिवार को खासा बाउंड्री पर ऐतिहासिक चौथ कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। इस दंगल की शुरुआत भगवान हनुमानजी की पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद विभिन्न स्तर की कुश्तियां शुरू हुईं। 1500 रुपए तक पहुंची कुश्ती दंगल में शुरुआती कुश्तियां लड्डूओं से शुरू होकर 100, 200, 500 और 1500 रुपए तक पहुंचीं। अंत में एक लाख इक्यावन हजार रुपये की इनामी कुश्ती भी आयोजित की गई। राजस्थान, उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से नामी पहलवानों ने इसमें हिस्सा लिया और अपने दांव-पेंचों से दर्शकों को रोमांचित किया। शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजाखेड़ा सहित अन्य पुलिस थानों का जाप्ता तैनात रहा। अव्यवस्थाओं से पहलवान हुए निराश हालांकि, इस बार दंगल में अव्यवस्थाएं हावी रहीं। नगर पालिका का कार्यकाल समाप्त होने के कारण प्रशासन द्वारा तैयारियों का अभाव देखा गया, जिससे प्रसिद्ध चौथ दंगल की रौनक फीकी पड़ गई। कई दूर-दराज से आए नामी पहलवान बिना कुश्ती लड़े ही निराश होकर वापस लौट गए। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष कुश्तियों की संख्या कम रही, जिससे पहलवानों और दर्शकों में आक्रोश देखा गया। शाम के समय करीब एक घंटे तक अखाड़ा खाली रहा, जिससे अव्यवस्था फैल गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा और तहसीलदार दीप्ति देव ने पुलिस बल के साथ हाथ में छड़ी लेकर व्यवस्थाओं की कमान संभाली, जिसके बाद ही आखिरी कुश्ती शुरू हो सकी। लोगों ने आरोप लगाया कि इस बार दंगल कमेटी का गठन राजनीतिक आधार पर किया गया था। पालिका प्रशासन द्वारा आयोजित एक लाख इक्यावन हजार रुपये की आखिरी कुश्ती फतेहाबाद के शेरा पहलवान और ईरान के मिर्ज़ा ईरानी के बीच लड़ी गई, जो बराबरी पर समाप्त हुई। ये रहे मौजूद इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जिला कलेक्टर श्रीनिधि बीटी, भाजपा नेत्री नीरजा अशोक शर्मा, राजाखेड़ा एसडीएम सुशीला मीणा, तहसीलदार दीप्ति देव, नगर पालिका कार्यवाहक अधिशासी अधिकारी देवेंद्र तिवारी सहित अन्य अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

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