धौलपुर जिले के राजाखेड़ा में एक अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक कोबरा सांप पिछले 25 दिनों से सड़क किनारे आकर एक ही जगह पर घंटों बिता रहा है। ग्रामीण इसे देवी-देवता का रूप मानकर उसकी पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन कर रहे हैं। वहीं, वन विभाग ने इसे केवल अंधविश्वास बताया है। यह मामला राजाखेड़ा शहर से लगभग 7 किलोमीटर दूर कांटरपुरा-कसियापुरा रोड का है। ग्रामीणों के अनुसार, सांप रोजाना सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक, यानी करीब 4 घंटे, एक ही जगह पर रहता है और दोपहर ढलने के बाद झाड़ियों में चला जाता है। सांप के इस व्यवहार से लोगों में इसका कारण जानने की इच्छा बढ़ गई है। ग्रामीणों ने देवी-देवता का रूप माना ग्रामीण रामेश्वर और बहादुर सिंह ने बताया- पहली बार जब लोगों ने सांप को देखा तो वह अपनी जगह से नहीं हिला, इंसानों की मौजूदगी से भी वह नहीं डरा। इसके बाद गांव में यह खबर फैल गई और लोग इसे देवी-देवता का रूप मानने लगे। सांप के पास भजन-कीर्तन शुरू सांप को प्रसन्न करने के लिए ग्रामीणों ने ढोलक-मंजीरों के साथ भजन-कीर्तन शुरू कर दिए हैं। उनका मानना है कि सांप किसी को नुकसान नहीं पहुंचाता, जिससे उनकी आस्था और मजबूत हो गई है। आसपास के इलाकों से भी लोग इस नजारे को देखने पहुंच रहे हैं। वन विभाग ने अंधविश्वास बताया हालांकि, वन विभाग ने ग्रामीणों की इस मान्यता को अंधविश्वास करार दिया है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि सांप के इस तरह एक जगह पर रुकने के पीछे कोई वैज्ञानिक कारण हो सकता है, लेकिन इसे देवी-देवता का रूप मानना गलत है।


