राज्यपाल के अभिभाषण के साथ छत्तीसगढ़ विधानसभा का सत्र शुरू:विकसित छत्तीसगढ़ का विजन: किसान, युवा, महिला सशक्तिकरण के साथ माओवाद से मुक्ति पर फोकस

छत्तीसगढ़ की छठवीं विधानसभा के अष्टम सत्र में राज्यपाल रमेन डेका ने अभिभाषण दिया। अभिभाषण में किसान कल्याण और महिला सशक्तिकरण का उल्लेख किया गया। युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और अवसर सृजन की प्रतिबद्धता दोहराई गई। नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार का संकल्प भी व्यक्त किया गया। इसके साथ ही स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की बात बताई गई। इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी को विकास की आधारशिला बताया गया, जबकि उद्योग और निवेश को गति देने पर भी सरकार की प्राथमिकताएं सामने रखी गईं। राज्यपाल ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब किसान समृद्ध होंगे। इसलिए उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ने, फसल का उचित मूल्य दिलाने और बाजार तक उनकी आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। इस वर्ष 25.24 लाख किसानों से एमएसपी पर 141.04 लाख टन धान खरीद कर 33431 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। होली से पहले ‘कृषक उन्नति योजना’ से किसानों को 10292 करोड़ रुपये का भुगतान होगा। वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित राज्य बनाने के लिए अंजोर विजन डॉक्यूमेंट बनाया गया है। यह सरकार की सोच का ब्लू प्रिंट है। इस पर आगे बढ़ते हुए तेजी से विजन डॉक्यूमेंट के लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में सफलतापूर्वक काम हो रहा है। महिला सशक्तिकरण लगभग 69 लाख महिलाओं को ‘महतारी वंदन योजना’ में हर माह एक-एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। अब तक 15596 करोड़ रुपए का भुगतान हुआ है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में एक साथ 6412 जोड़ों का सामूहिक विवाह हुआ। अब तक 137 महतारी सदन बन गए हैं। युवा और शिक्षा: नवा रायपुर को एजुकेशन हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा में 5 वर्ष की छूट दी गई ह। करीब 32 हजार पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। युवा उद्यमियों के लिए छत्तीसगढ़ नवाचार व स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025-26 बनायी गई। नक्सल मोर्चा: दो वर्षों में 532 माओवादी मारे गए। 2704 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया। वहीं 2004 गिरफ्तार किए गए। नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए पॉलिसी बनाई गई है। माओवाद से मुक्त इलाकों में नियद नेल्लानार योजना के जरिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मैन्यूफैक्चरिंग: प्रदेश को मैन्यूफैक्चरिंग और सर्विस इंडस्ट्री का हब बनाया जा रहा है। प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना विकसित हुई है। प्रदेश में 51 हजार करोड़ रुपए के रेलवे प्रोजेक्ट चल रहे हैं। जगदलपुर-रावघाट रेल मार्ग जुड़ जाने से बस्तर के विकास में तेजी आएगी। कोत्तावलसा-किरंदुल रेल लाइन का दोहरीकरण हो रहा है। बस्तर के लिए यह बेहद महत्वपूर्ण होगी। स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर और निवेश: मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से पिछले दो वर्ष में 2273 मरीजों को 62 करोड़ रुपए दिए गए। 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड और 4.96 लाख वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए गए। जशपुर, मनेन्द्रगढ़, कबीरधाम, जांजगीर-चांपा व दंतेवाड़ा जिले में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं।

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