केंद्रीय चुनाव आयोग (ECI) द्वारा राज्यसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही हिमाचल प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के बाद विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (BJP) में भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यदि सत्तारूढ़ कांग्रेस इस बार भी किसी बाहरी चेहरे को प्रत्याशी बनाती है, तो भाजपा भी अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी। फरवरी 2024 के राज्यसभा चुनाव में भी BJP ने इसी रणनीति का फायदा उठाया था। उस दौरान कांग्रेस ने बाहरी प्रत्याशी अभिषेक मनु सिंघवी को मैदान में उतारा था। पार्टी के भीतर की नाराजगी को भांपते हुए भाजपा ने हर्ष महाजन को उम्मीदवार बनाया और 68 सदस्यीय विधानसभा में केवल 25 विधायक होने के बावजूद राज्यसभा चुनाव जीत लिया। इस बार भी हिमाचल में पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के साथ-साथ प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल का नाम राज्यसभा के संभावित उम्मीदवार के रूप में चर्चा में है। यदि कांग्रेस हाईकमान रजनी पाटिल को हिमाचल से प्रत्याशी बनाता है, तो मुकाबला होने की प्रबल संभावना मानी जा रही है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि यदि कांग्रेस प्रदेश के किसी स्थानीय नेता को उम्मीदवार बनाती है, तो उस स्थिति में भाजपा चुनाव लड़ने से परहेज भी कर सकती है। BJP विधायक प्रत्याशी उतारने के पक्ष में सूत्रों के अनुसार, बजट सत्र से पहले हुई BJP विधायक दल की बैठक में राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी उतारने को लेकर चर्चा हुई। अधिकांश विधायक चुनाव लड़ने के पक्ष में बताए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम फैसला BJP कोर ग्रुप या हाईकमान स्तर पर लिया जाएगा। संभावना है कि जल्द ही कोर ग्रुप की बैठक बुलाई जाएगी। फिलहाल भाजपा नेतृत्व इस मुद्दे पर खुलकर कुछ भी कहने से बच रहा है और सत्तापक्ष के रुख पर नजर बनाए हुए है। BJP में ये नाम चर्चा में सूत्रों के मुताबिक, भाजपा मौजूदा राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी पर दोबारा दांव खेल सकती है। मंडी यूनिवर्सिटी की पूर्व प्रो वाइस चांसलर अनुपमा कंवर और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की प्रो चांसलर यूनिवर्सिटी हिमानी सूद का नाम भी चर्चा में है। पार्टी के एक धड़े द्वारा प्रदेशाध्यक्ष राजीव बिंदल को भी राज्यसभा उम्मीदवार बनाने की पैरवी किए जाने की चर्चा है। फरवरी 2024 में ‘बाहरी बनाम स्थानीय’ का मुद्दा काफी चर्चा में रहा था और कांग्रेस पूर्ण बहुमत के बावजूद चुनाव हार गई थी। उस घटनाक्रम के बाद सरकार पर भी संकट के हालात बन गए थे। यही कारण है कि इस बार भाजपा की नजरें कांग्रेस की रणनीति पर टिकी हुई हैं। 16 मार्च को होगा चुनाव बता दें कि ECI द्वारा जारी शेड्यूल के मुताबिक प्रदेश में राज्यसभा चुनाव 16 मार्च को कराए जाएंगे। इन चुनावों के लिए 26 फरवरी को अधिसूचना जारी होगी। 5 मार्च नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है। नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को की जाएगी। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च तय की गई है। मतदान 16 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक होगा।


