राज्य में रह रहे 2000 पाकिस्तानी:11 पाकिस्तानी लौटे, 105 के दस्तावेजों की चल रही जांच; 1000 ने बढ़वाई वीजा अवधि

पहलगाम हमले के बाद केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पाकिस्तान से भारत आए लोगों को 48 घंटे के भीतर देश छोड़ने का निर्देश दिया था। इसके बाद रायपुर आए 11 पाकिस्तानी नागरिकों ने भारत छोड़ दिया। वे अपने देश लौट चुके हैं। ये नागरिक विजिटर वीजा पर रायपुर आए थे। अधिकांश अपने रिश्तेदार से मिलने आए थे। चार लोग इलाज के लिए आए थे। इनका वीजा 45 दिनों के लिए था। सरकार के निर्देश के बाद ये लोग भी लौट गए हैं, जबकि 105 नागरियों के दस्तावेज की अभी जांच चल रही है। 1000 से ज्यादा ने नागरिकता के लिए अर्जी दी है। पुलिस ने बताया कि विजिटर वीजा पर आए 105 पाकिस्तानियों के दस्तावेज की जांच चल रही है, जो 45 दिनों के लिए आएं हैं। सभी गैर-मुस्लिम हैं। इनका वीजा अभी खत्म नहीं हुआ है, जबकि 1000 लोग दीर्घकालिक वीजा (एलटीवी) पर हैं जो लगातार अपने वीजा का समय बढ़वाते जा रहे हैं। हर बार दो साल के लिए इनका वीजा बढ़ जाता है। इन लोगों ने भारत की नागरिकता के लिए अर्जी लगाई है। अब तक भारत सरकार से इन्हें वीजा नहीं मिल पाया है। पाकिस्तान से आए करीब 600 लोगों को देश की नागरिकता मिल गई है। वे अब रायपुर में रहकर अपना कारोबार कर रहे हैं। इन्होंने रायपुर और इसके आसपास अपना घर भी बना लिया है। अधिकारियों के मुताबिक हिंदू पाकिस्तानी नागरिकों को पहले से जारी दीर्घकालिक वीज़ा (एलटीवी) को रद्द नहीं किया जाएगा और न ही इन्हें देश छोड़ना पड़ेगा। रायपुर में 1800 पाकिस्तानी
छत्तीसगढ़ में पाकिस्तान से आए करीब 2000 लोग रह रहे हैं। इनमें तकरीबन 1800 रायपुर में ही हैं। दुर्ग, राजनांदगांव, बस्तर समेत अन्य जगहों पर भी पाकिस्तान से आए लोग रह रहे हैं। पाकिस्तान से छत्तीसगढ़ आने वाले 95 फीसदी लोग सिंधी समाज के हैं। बाकी मुस्लिम हैं। बांग्लादेशियों की भी तलाश जारी
पुलिस अवैध रूप से पाकिस्तान और बांग्लादेश से आकर रहने वाले लोगों की तलाश कर रही है। अब तक छत्तीसगढ़ में ऐसा कोई नहीं मिला है। दो माह पहले रायपुर पुलिस ने तीन बांग्लादेशी भाइयों को जरूर पकड़ा था, जो छत्तीसगढ़ में फर्जी दस्तावेज बनाकर विदेश भागने की तैयारी में थे। पासपोर्ट और वीजा भी बना लिया था। तीनों भाइयों को मुंबई एयरपोर्ट में पकड़ा गया था। स्टेशन में चेकिंग अभियान, संदिग्ध लोगों के सूटकेस-बैग तक खोलकर देखे गए स्टेशन पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। शुक्रवार सुबह से ही चेकिंग अभियान चलाया गया। संदिग्ध नजर आने वाले यात्रियों का आधार कार्ड चेक करने के साथ ही उनका सूटकेस और बैग भी खुलवाकर देखा गया। आरपीएफ और जीआरपी के साथ रेलवे के अमले ने खास टिकट चेकिंग की। इस दौरान जो यात्री बिना टिकट मिले उनसे जुर्माना वसूल किया गया। अफसरों ने बताया कि भारत-पाकिस्तान के तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। जीआरपी और आरपीएफ के अफसर खुद जांच अभियान दस्ते के साथ स्टेशन पर मौजूद रहेंगे। सायरन बजते ही करें ब्लैकआउट, घर का चूल्हा बुझा दें ताकि रौशनी न दिखे भारत-पाक तनाव के बीच रायपुर पुलिस ने एसडीआरएफ के साथ मिलकर शुक्रवार को पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल की। पुलिस के जवानों को अप्रिय स्थित में कैसे काम करना है, ये बताया गया है। इस दौरान घायल का कैसे प्राथमिक उपचार करना और अस्पताल ले जाना है, इसका अभ्यास भी कराया गया। एसएसपी डा. लाल उमेद सिंह ने कहा कि सायरन बजते ही इलाके में ब्लैक आउट करना है। लोगों से अपील कर उनका चूल्हा तक बुझवाना है। ब्लैक आउटर के दौरान घरांे से किसी तरह से रोशनी नहीं आनी चाहिए।

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