आजादी के 78 साल बाद भी 37696 सरकारी स्कूलों के पास पट्टा नहीं है। इनमें 27720 स्कूल प्रारंभिक शिक्षा और 9976 स्कूल माध्यमिक शिक्षा के हैं। इन पट्टा विहीन स्कूलों को उनकी जमीन का मालिकाना हक दिलाने के लिए सबसे बड़ा अभियान चलेगा। जिलों में शिविर लगाकर इन स्कूलों को पट्टा जारी किया जाएगा। इसके लिए मुख्य सचिव ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों को आदेश जारी कर दिया है। यह वे स्कूल है जो वर्षों से संचालित तो है, लेकिन इनके पास उस भूमि का पट्टा नहीं है। शेष | पेज 8 स्कूलों की जमीन पर अतिक्रमण बंद होगा आजादी के बाद पहली बार सरकारी स्कूलों को पट्टा जारी करने के लिए विशेष अभियान चलेगा। जिलों में इसके लिए शिविर लगाकर पट्टे जारी किए जाएंगे। जिला कलेक्टरों को इसके लिए निर्देशित कर दिया गया है। स्कूल के पास पट्टा होगा तो उसे सरकारी योजनाओं का फायदा मिलने में आसानी होगी। भामाशाहों को भी स्कूलों में मदद करने में परेशानी नहीं आएगी। – मदन दिलावर, शिक्षामंत्री


