रातापानी टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा लगातार बढ़ रहा है। यह एकमात्र लैंडस्केप बन गया है, जहां 96 बाघों ने उपस्थिति दर्ज कराई है। वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यह भविष्य में सारे रिकॉर्ड तोड़ेगा। रातापानी टाइगर रिजर्व लैंडस्केप में वर्ष 2026 में होने वाली गणना में 150 से अधिक बाघ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे। पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ शुभरंजन सेन का कहना है कि 2026 तक प्रदेश में बाघों की संख्या 1100 के आसपास हो सकती है। इसका सर्वे रातापानी टाइगर रिजर्व से शुरू होगा रातापानी में इस समय 12 से अधिक बाघिन शावकों के साथ मूवमेंट कर रही हैं। इनकी संख्या तकरीबन 30 है। ये शावक गणना तक वयस्क हो जाएंगे। बाघिनों के मूवमेंट इलाके में 60 ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं। बाघों की बढ़ती संख्या देखते हुए तत्कालीन पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ जितेंद्र कुमार अग्रवाल ने सर्वें कराया तो टाइगर रिजर्व क्षेत्र में 80 से अधिक गुफाएं मिली। यहां पर बाघिनें शावकों को सुरक्षित जन्म देती हैं। पार्क प्रबंधन का मानना है कि इन्हीं गुफाओं की वजह से रातापानी में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। कोलार गोल जोड़ से एकांत पार्क तक रैली
सीएम डॉ. मोहन यादव शुक्रवार सुबह झिरी गेट पर रातापानी टाइगर रिजर्व का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर वन्यजीवों और पर्यावरण की विरासत को सहेजने के संदेश के साथ एक बाइक रैली निकाली जाएगी। रैली में अभिनेता रणदीप हुड्डा भी शामिल होंगे। यह रैली कोलार रोड स्थित गोल जोड़ से एकांत पार्क तक निकलेगी। लैंडस्केप क्या है… हर टाइगर रिजर्व का एक लैंडस्केप एरिया होता है। बाघों की गणना के दौरान एक जोन चिह्नित किया जाता है, इसे लैंडस्केप कहते हैं। रातापानी का लैंडस्केप भोपाल से देवास तक है। इसे वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया तय करता है।


