राणा सांगा को गद्दार कहने वाले सपा सांसद रामजीलाल सुमन के काफिले पर रविवार को हमला हो गया। अलीगढ़ के गभाना टोल प्लाजा से पहले क्षत्रिय समाज के युवक अचानक हाईवे पर आ गए। काफिले पर टायर और पत्थर फेंकने लगे। सांसद के काफिले में 20 से ज्यादा गाड़ियां थीं। हमले से बचने के लिए गाड़ियां तेजी से भागने लगी। इससे थोड़ी दूर जाकर काफिले की 10 गाड़ियां आपस में टकरा गईं। इसमें 5-6 लोग चोटिल हो गए। हमले के बाद समर्थक और पुलिसकर्मियों ने रामजीलाल को सुरक्षा घेरे में ले लिया। उन्हें बुलंदशहर की तरफ रवाना किया। सपा सांसद बुलंदशहर में एक दलित परिवार से मिलने जा रहे थे। करणी सेना के प्रदेश अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने पहले ही चेतावनी दी थी। कहा था कि सपा सांसद से जवाब मांगने के लिए जगह-जगह उनके खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। सांसद बोले- हमारे ऊपर पथराव हुआ, पुलिस की आंखें कहां थीं
हमले के बाद घबराए रामजीलाल सुमन ने कहा- हमारे काफिले पर पथराव हुआ। उस समय पुलिस की आंखें पता नहीं कहां लगी थीं? यूपी में कुछ वर्ग के लोगों पर सरकार मेहरबान है। दलित अत्याचार से परेशान हैं। बुलंदशहर के सुनेहरा में दलितों को कुचलने जैसे मामले सभी के सामने हैं। प्रशासन कहता है कि इन मामलों में कड़ी कार्रवाई की गई है। लेकिन हम इन कार्रवाई को सख्त नहीं मानते, क्योंकि पुलिसिया एक्शन के बाद भी लगातार दलितों पर अत्याचार हो रहे। हमारे डेलिगेशन में सपा लोहिया वाहिनी अध्यक्ष, अनुसूचित प्रकोष्ठ अध्यक्ष भी बुलंदशहर जा रहे थे। लेकिन, पुलिस-प्रशासन ने रोक दिया। प्रशासन नहीं चाहता कि हकीकत सभी के सामने आए। सही मायने में बोला जाए तो आज यूपी में दलितों पर अत्याचारों की बाढ़ आ गई है। आगरा में नगरा तलसी, रामपुर में दलित बच्चे के साथ जो कुछ हुआ, सभी के सामने है। सीएम योगी यूपी में कानून व्यवस्था बेहतर होने की बात कहते हैं, लेकिन सपा कहती है कि यूपी में कानून व्यवस्था ठप है। जनता के अनुसार, यूपी में जंगलराज कायम है। उप्र में जगह-जगह बाबा साहेब की मूर्तियां खंडित की जा रही हैं। 12 अप्रैल को राणा सांगा जयंती पर छावनी में तब्दील हो गया था आगरा राणा सांगा पर दिए गए विवादित बयान के बाद से सपा सांसद रामजीलाल सुमन पर करणी सेना हमलावर है। 12 अप्रैल को राणा सांगा की जयंती पर करणी सेना ने आगरा के कुबेरपुर में गढ़ी रामी में रक्त स्वाभिमान सम्मेलन आयोजित किया था। इसमें देश के विभिन्न राज्यों और शहरों से करणी सेना के कार्यकर्ता और समर्थक पहुंचे थे। सम्मेलन में किसी के हाथ में डंडा तो किसी के हाथ में तलवार थी। आगरा में कर्फ्यू जैसे हालात हो गए थे। सपा सांसद के आवास की किलेबंदी कर दी गई थी। पूरे शहर में 10 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। रामजीलाल सुमन के घर को जाने वाले रास्ते को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। 19 अप्रैल को सपा सांसद से मिलने पहुंचे थे अखिलेश यादव 19 अप्रैल को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आगरा पहुंचे थे। अखिलेश यादव रामजीलाल सुमन के आवास पर उनसे मुलाकात की थी। इस मुलाकात पर को लेकर करणी सेना ने समाजवादी पार्टी पर भी हमला बोला। एक दिन बाद 20 अप्रैल को ओकेंद्र राणा ने अपने फेसबुक पेज पर दोनों की मुलाकात की हंसते हुए एक फोटो डाली। इस फोटो के जरिए ओकेंद्र राणा ने एक बार फिर से रामजी लाल और अखिलेश यादव को कड़ी चेतावनी दी है। अखिलेश ने कहा था- आज मैं अपनी पार्टी के दलित सांसद रामजीलाल सुमन के साथ खड़ा हूं। मुझे गोली मारने की धमकी दी जा रही है। जैसे फूलन देवीजी को मारा वैसे मुझे भी मारने की धमकी दी गई है। वो पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वैसे तो सरकार को खुद संज्ञान लेना चाहिए और केस करना चाहिए। हमारे समाजवादी के लोग अगर शिकायत लेकर जा रहे हैं तो उनकी FIR नहीं दर्ज हो रही है। अब जानिए रामजीलाल सुमन ने राणा सांगा को क्या कहा था सपा सांसद रामजीलाल सुमन ने 21 मार्च को राज्यसभा में कहा था- भाजपा वालों का तकिया कलाम हो गया कि मुसलमानों में बाबर का DNA है। फिर हिंदुओं में किसका DNA है? बाबर को कौन लाया? बाबर को भारत में इब्राहीम लोदी को हराने के लिए राणा सांगा लाया था। मुसलमान बाबर की औलाद हैं तो तुम (हिंदू) गद्दार राणा सांगा की औलाद हो। यह हिंदुस्तान में तय हो जाना चाहिए। बाबर की आलोचना करते हैं, राणा सांगा की नहीं। देश की आजादी की लड़ाई में इन्होंने अंग्रेजों की गुलामी की थी। हिंदुस्तान का मुसलमान बाबर को अपना आदर्श नहीं मानता है। वो मोहम्मद साहब और सूफी परंपरा को आदर्श मानता है। खबर अपडेट की जा रही है…


