राजधानी के रामनगर क्षेत्र में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बनाया जाएगा। इसके साथ ही इस स्वास्थ्य केंद्र की क्षमता बढ़ाकर 30 बेड की जाएगी। भवन के विस्तार के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाओं का भी विस्तार किया जाएगा। इससे खालवाड़ा, रामनगर सहित आसपास के क्षेत्रों की करीब डेढ़ लाख आबादी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। फिलहाल यह स्वास्थ्य केंद्र 10 बिस्तरों के साथ संचालित हो रहा है और पिछले करीब आठव र्षों से यहां सर्दी-बुखार से पीड़ित मरीजों का इलाज और नियमित टीकाकरण जैसी सेवाएं दी जा रही हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिलने के बाद यहां प्रसव सुविधा के साथ विभिन्न प्रकार की जांच सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही छोटी-मोटी बीमारियों और संक्रामक रोगों से पीड़ित मरीजों को भर्ती कर उपचार भी किया जा सकेगा। वर्तमान में यह हेल्थ सेंटर दो कमरों में संचालित हो रहा है। इसके विस्तार के लिए नए निर्माण कार्य के साथ अतिरिक्त स्टाफ की नियुक्ति भी की जाएगी। अभी क्षेत्र के लोगों को इलाज के लिए दूर स्थित गुढ़ियारी स्थित हमर अस्पताल जाना पड़ता है, लेकिन सीएचसी बनने के बाद स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार की सुविधा मिल सकेगी। रामनगर हेल्थ सेंटर के उन्नयन के बाद शहर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़कर पांच हो जाएगी। इनमें गुढ़ियारी का हमर अस्पताल, आयुर्वेदिक अस्पताल स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, खोखोपारा, बिरगांव और नया रामनगर सीएचसी शामिल होंगे। मातृ-शिशु चिकित्सालय भी होगा अलग इसके अलावा मातृ-शिशु चिकित्सालय कालीबाड़ी को जिला अस्पताल से अलग किया जाएगा। लगभग 200 बिस्तरों वाले इस अस्पताल का पूरा सेटअप अलग किया जाएगा। इसके लिए नए पदों की स्वीकृति मिलने के बाद यहां अलग स्टाफ की तैनाती होगी। इससे जिला अस्पताल पंडरी को सर्जन और विशेषज्ञ डॉक्टर वापस मिल सकेंगे और वहां प्रसव सुविधा शुरू होने की संभावना भी बढ़ जाएगी।


