छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में एक नाबालिग तालाब नहाने गई थी। तभी उसे बहला-फुसलाकर युवक अपने घर ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता की रिपोर्ट पर पुलिस ने जुर्म कायम कर आरोपी को गिरफ्तार किया। जिसके बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। जहां पॉस्को कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को 20 साल की सजा सुनाते हुए अर्थदंड से दंडित किया है। मामला संक्षेप में इस प्रकार है कि पीड़िता के पिता ने पुसौर थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया कि 14 सितबंर को वह काम करने के लिए सरिया गया हुआ था। इस दौरान उसकी 15 साल कि नाबालिग बेटी गांव के तालाब में नहाने गई थी। तभी पुसौर थाना क्षेत्र में रहने वाला गणेश उरांव 20 साल वहां पहुंच गया। इसके बाद तालाब के पास नाबालिग को उसने बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया। जहां गणेश ने जबरन नाबालिग के साथ शारीरिक संबंध बनाया। जिसके बाद पीड़िता वापस अपने घर पहुंची और उसके पिता के आने पर उसने मामले की जानकारी अपने परिजनों को दी। ऐसे में परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस आरोपी गणेश उरांव के खिलाफ अपराध दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता का महिला पुलिस अधिकारी से बयान दर्ज कराया गया और पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार किया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया।
आरोपी को 20 साल की सजा
जहां मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय एफटीएससी पॉक्सो के न्यायाधीश देवेन्द्र साहू ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपी गणेश उरांव को 20 साल के सश्रम कारावास और 5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि अदा नही करने पर अलग से चार माह का कारावास भुगताने को भी कहा गया है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।


