छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सराफा दुकानों में सुरक्षा के लिए लिहाज से पुलिस ने व्यवसायियों की बैठक ली। जिसमें सुरक्षा को लेकर कई तरह के निर्देश दिए गए। साथ ही दुकानों के कैमरे, सुरक्षा गार्ड व अन्य तरह की जानकारियों को लेकर चर्चा की गई। ताकि किसी प्रकार की अनहोनी को रोका जा सके। सोमवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के दिशा निर्देशन पर पुलिस कंट्रोल रूम में एडिशनल एसपी अनिल सोनी द्वारा शहर के सराफा व्यापारियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य सराफा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित कर संभावित अपराधों की रोकना था। एडिशनल एसपी ने बताया कि रविवार की शाम शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर फुट पेट्रोलिंग कर सराफा व्यापारियों से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा की गई थी और उसी क्रम में भी व्यापारियों के साथ विस्तृत बैठक कर आवश्यक सुरक्षा बिंदुओं पर मार्गदर्शन दिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि रायगढ़ पुलिस का उद्देश्य केवल घटना के बाद आरोपियों की तलाश करना नहीं बल्कि सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाकर अपराध की संभावनाओं को पहले ही समाप्त करना है। बैठक में एडिशनल एसपी ने सराफा व्यापारियों को सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि कई दुकानों में CCTV कैमरे तो लगे हैं, लेकिन उनका डेटा रिकॉर्ड नहीं हो रहा है, जो सुरक्षा की दृष्टि से सही नहीं है। उन्होंने सभी प्रतिष्ठानों के अंदर और बाहर अच्छी गुणवत्ता के CCTV कैमरे लगाकर उनका नियमित रिकॉर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
दुकान के कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन के निर्देश
साथ ही दुकान में पुलिस कंट्रोल रूम, थाना प्रभारी व वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क नंबर स्पष्ट रूप से चस्पा करने कहा गया। चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों से चेहरा से कपड़ा हटाने का अनुरोध करने कहा गया। साथ ही दुकान में कार्यरत कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस वेरिफिकेशन कराने की सलाह दी गई। जिन प्रतिष्ठानों में निजी सुरक्षा गार्ड तैनात हैं, उनके संबंध में संबंधित एजेंसी का नाम और विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया ताकि आवश्यकता पड़ने पर सत्यापन कराया जा सके।
संदिग्ध गतिविधि की जानकारी पुलिस को दे
एडिशनल एसपी ने व्यापारियों को निर्देशित किया कि बिना बिल के जेवर बेचने आने वाले व किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, क्योंकि पुलिस के लिए सूचना सबसे महत्वपूर्ण होती है और उसके आधार पर समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सकती है। उन्होंने दुकानों में अग्निशमन उपकरण रखने तथा कर्मचारियों को उनके उपयोग का प्रशिक्षण देने और फायर ब्रिगेड का संपर्क नंबर उपलब्ध रखने की भी सलाह दी।
जेवर घर से लाते ले जाते समय बरते सावधानी
बैठक में एडिशनल एसपी ने कहा कि कुछ व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों के जेवर घर से लाना-ले जाना करते हैं, ऐसे समय में विशेष सावधानी बरतें और एक ही समय व एक ही रास्ते का नियमित उपयोग करने से बचें। बैठक के दौरान थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक ने व्यापारियों को सलाह दी कि प्रतिष्ठान में कार्य कर चुके पूर्व कर्मचारियों की जानकारी भी पुलिस को उपलब्ध कराएं। जिससे उनका बैकग्राउंड सत्यापन किया जा सके। सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों व व्यापारियों द्वारा पुलिस पेट्रोलिंग को और प्रभावी बनाने, चौक-चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के सुधार और तेज रफ्तार बाइक चालकों पर कार्रवाई को लेकर सुझाव दिए गए। इस पर एडिशनल एसपी ने बताया कि शहर के कैमरों का सर्वे कराया जा रहा है और निजी कंपनी के माध्यम से उन्हें सुधारने की प्रक्रिया जारी है।


