छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में महाशिवरात्रि को लेकर शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी हुई है। सुबह से श्रद्धालु पूजा पाठ करने मंदिरों तक पहुंचने लगे। वहीं कोसमनारा स्थित सत्यनारायण बाबा धाम में रात 1 बजे से श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे और मेला का माहौल यहां देखा जा रहा है। महाशिवरात्रि पर्व पर शहर के निकले महादेव मंदिर में रात में पूजा अर्चना के बाद भस्म आरती हुई और सुबह से श्रद्धालु मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुंच रहे थे। वहीं गौरी शंकर मंदिर में भी श्रद्धालुओं की काफी भीड़ लगी रही। कोसमनारा स्थित सत्यनारायण बाबा धाम में रात तकरीबन 12 बजे विधिविधान के साथ पूजा अर्चना, अभिषेक व आरती हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं को दर्शन करने मंदिर पहुंचने लगे। जहां रात से लेकर अब तक हजारों लोगों ने बाबा के दर्शन किए। शहर ही नहीं बल्कि ग्रामीण अन्य राज्यों से भी श्रद्धालु बाबा सत्यनारायण के दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। ट्रस्ट द्वारा की गई बेहतर व्यवस्था
बाबा सत्यनारायण ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष मुकेश शर्मा ने बताया कि हर साल श्रद्धालु हजारों की संख्या में पहुंचते हैं। रात से लेकर अब तक तकरीबन 40-50 हजार श्रद्धालु दर्शन कर चुके होंगे। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए ट्रस्ट द्वारा कई तरह की व्यवस्था की गई थी। बैरिकैट्स लगाए गए थे। ताकि श्रद्धालुओं को परेशानी न हो।
मेला जैसा होता है माहौल
महाशिवरात्रि पर कोसमनारा में मेला जैसा माहौल होता है। यहां कई प्रकार की दुकाने लगती है तो बच्चों के मनोरंजन के झूले भी होते हैं। इसके अलावा एक दिन पहले से श्रद्धालु यहां पहुंचने लगते हैं। ऐसे में पूरा क्षेत्र भक्तियमय माहौल में नजर आता है। दिन भर चलता रहा भंडारा
महाशिवरात्रि को लेकर शहर के शिव मंदिरों के साथ ही अलग अलग चौक-चौराहों पर भी भंडारा प्रसाद वितरण किया जा रहा था। कोसमनारा बाबा धाम में दिन भर भंडारा चला। इसके अलावा अतरमुड़ा रोड, जेल काॅम्पलेक्स रोड, रामभांठा, स्टेडियम के पास, पहाड़ मंदिर रोड, निकले महादेव मंदिर के पास, राजापारा समेत अन्य जगहों पर भंडारा प्रसाद बांटा जा रहा था।
रूद्राक्ष का किया गया वितरण
निकले महादेव मंदिर के पंडित धीरजकृष्ण शर्मा ने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक महाशिवरात्रि के दिन भगवान भोलेनाथ और मां पार्वती, दोनों ही पृथ्वीलोक पर भ्रमण करने निकलते हैं। इसलिए माना जाता है कि महाशिवरात्रि पर शिव पूजा करने से भगवान अपने भक्तों की पुकार को जल्दी सुनते हैं। महाशिवरात्रि की पूजा को एक हजार अश्वमेघ यज्ञ तथा सैकड़ों वाजपेयी यज्ञ के समान पुण्यकारी बताया गया है। उन्होंने बताया कि निकले महादेव मंदिर में इस अवसर पर 1000 रूद्राक्ष का वितरण भी किया गया।


