रायपुर में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह की अध्यक्षता में जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की गईं। इन बैठकों में शिक्षा विभाग के निर्माण कार्यों की प्रगति, DEAF एवं निष्क्रिय बैंक खातों की स्थिति तथा जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियों की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी विभागों के अधिकारियों को अपने-अपने कार्य समय पर, पूरी जिम्मेदारी और गंभीरता के साथ पूरा करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
कलेक्टर ने जिले की शासकीय स्कूलों में चल रहे निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जो भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में हैं या जिनमें छोटे-मोटे मरम्मत कार्य बाकी हैं, उन्हें तय समय से पहले पूरा किया जाए। बड़े और टेंडर वाले निर्माण कार्यों को अप्रैल 2026 के अंत तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए गए। जिन कार्यों में भूमि विवाद या पुराने भवन हटाने जैसी समस्याएं हैं, उन्हें नए शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले पूरा करने को कहा गया। सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने और नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।
DEAF एवं निष्क्रिय खातों की समीक्षा बैठक
जिले के सभी राष्ट्रीयकृत, निजी और सहकारी बैंकों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर लंबे समय से बंद या निष्क्रिय खातों की स्थिति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने बैंकों को निर्देश दिया कि वे विशेष अभियान चलाकर खाताधारकों से संपर्क करें और KYC व री-KYC की प्रक्रिया पूरी कर अधिक से अधिक खातों को फिर से चालू करें। उन्होंने कहा कि पात्र खातों को DEAF में जाने से रोका जाए और लोगों को समय पर बैंक सुविधा मिले। साथ ही, भारतीय रिज़र्व बैंक के नियमों के अनुसार साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट जिला कार्यालय में जमा करने के निर्देश भी दिए गए।
जनगणना 2027 के प्रथम चरण का प्रशिक्षण
जनगणना 2027 के पहले चरण, जिसमें मकानों की सूची और गणना की जाएगी, उसके लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण शुरू किया गया। कलेक्टर ने कहा कि जनगणना देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण कार्य है, इसलिए इसे पूरी सावधानी और समय पर पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डाटा संग्रह करते समय किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए। उल्लेखनीय है कि भारत की जनगणना 2027 पूरी तरह डिजिटल माध्यम से दो चरणों में की जाएगी। इसका पहला चरण 01 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा।


