नगर निगम जोन-10 ने संपत्तिकर बकाया नहीं चुकाने पर बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर के ‘लिविंग रूम कैफे’ को सील कर दिया। इसके साथ ही 4 बड़े बकायेदारों से जुड़े कुल 6 व्यवसायिक परिसरों पर ताला जड़ दिया गया। यह कार्रवाई निगम आयुक्त विश्वदीप के निर्देश पर की गई। अपर आयुक्त राजस्व कृष्णा खटीक, उपायुक्त जागृति साहू और जोन-10 कमिश्नर विवेकानंद दुबे के मार्गदर्शन में राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की प्रक्रिया पूरी की। करोड़ों का बकाया, कई बार भेजे गए नोटिस राजस्व विभाग के मुताबिक, संबंधित बकायेदारों को डिमांड बिल और अंतिम नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन संपत्तिकर जमा नहीं किया गया। इसके बाद सख्ती दिखाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की गई। इन वार्डों में हुई कार्रवाई कार्रवाई पंडित विद्याचरण शुक्ल वार्ड-50, बाबू जगजीवन राम वार्ड-53 और लेफ्टिनेंट अरविंद दीक्षित वार्ड-56 में की गई। सबसे बड़ा बकाया वार्ड-50 में ज्योति केशवानी/केवलराम केशवानी पर करीब 79.23 लाख रुपए का है। इसके अलावा वार्ड-53 में किशोर कुमार प्रिथवानी पर अलग-अलग मद में लाखों रुपए बकाया बताए गए हैं। वार्ड-56 में भी कर नहीं चुकाने पर एक प्रतिष्ठान को सील किया गया। निगम की चेतावनी नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि राजस्व वसूली को लेकर अब कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। बड़े बकायेदारों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
लगातार कार्रवाई के निर्देश नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने स्पष्ट किया है कि प्रॉपर्टी टैक्स वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। सभी 10 जोनों को बड़े बकायेदारों को तत्काल नोटिस जारी कर वसूली तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत गौरव गार्डन, मधुबन, ओमाया और अमायरा में सर्वे कर प्रॉपर्टी टैक्स की जांच की गई। गौरव गार्डन और मधुबन को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। अंबुजा मॉल, डिकैथलॉन, श्रीराम बिजनेस पार्क और सफायर ग्रीन को भी नोटिस देने की तैयारी है। आयुक्त विश्वदीप और उपायुक्त राजस्व जागृति साहू ने जोन-5 टीम की सराहना करते हुए कहा कि इसी तरह की सख्ती से निगम की आय में वृद्धि संभव है। निगम प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि बड़े बकायादारों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।


