राजधानी रायपुर के जिला न्यायालय परिसर से एक कैदी के फरार होने का मामला सामने आया है। पेशी के दौरान पुलिसकर्मियों को चकमा देकर कैदी कोर्ट परिसर से गायब हो गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। कैदी को चार घंटे तक तलाश किया गया और नहीं मिलने पर सिविल लाइन थाना पहुंचकर आरक्षक ने एफआईआर दर्ज कराई। फरार कैदियों का नाम पुलिस द्वारा राजेश मार्कण्डेय और तुलाराम मारकण्डेय बताया जा रहा है। फरार कैदी रिश्ते में बाप-बेटे है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला मारपीट, हत्या के प्रयास में रायपुर जेल में बंद कैदी राजेश मार्कण्डेय और तुलाराम मारकण्डेय को बुधवार को न्यायिक अभिरक्षा से कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था। आरक्षक ईसरार गौरी को आरोपियों की निगरानी में लगाया गया था। पेशी के बाद उसे वापस जेल ले जाने की तैयारी की जा रही थी। इसी दौरान भीड़ और अफरा-तफरी का फायदा उठाकर कैदी पुलिस अभिरक्षा से निकलकर फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद पुलिसकर्मियों ने कोर्ट परिसर और आसपास के इलाकों में तलाशी शुरू की, लेकिन आरोपी हाथ नहीं लगे। आरक्षक ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की सूचना दी। आरोपियों की तलाश करने पर जब वो नहीं मिले तो सिविल लाइन थाना पहुंचकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। कोर्ट परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करके आरोपियों के फरार होने की दिशा और संभावित ठिकानों की तलाश पुलिस टीम कर रही है।
पूर्व में भी फरार हो चुके आरोपी रायपुर कोर्ट परिसर से कैदी फरार होने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व भी कई आरोपी फरार हो चुके है। पूर्व में फरार हुए कई आरोपियों को विवेचना अधिकारी अब तक पता नहीं लगा पाए है। कोर्ट परिसर से कैदी फरार होने के मामले में सुरक्षाकर्मियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे है। पूर्व में भी कोर्ट परिसर में वीआईपी ट्रीटमेंट के कई मामले सामने आ चुके है।


