रायपुर को चाहिए बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट…:350 बसें और मेट्रो जैसी सेवा से बदलेगी तस्वीर, तभी बढ़ेगा लोगों का भरोसा

राजधानी की बढ़ती जनसंख्या और फैलते शहर के बीच पब्लिक ट्रांसपोर्ट शहर की सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। इसके लिए कई बार अलग-अलग तरह से प्रयास भी किए गए लेकिन यह अभी भी शहर के लोगों के लिए सहज उपलब्ध नहीं हो पाई है। भास्कर ने रायपुर मांगे पब्लिक ट्रांसपोर्ट अभियान चला रही है। इसी कड़ी में फोकस ग्रुप डिस्कशन (FGD) में बुधवार को शहर के विधायक, ट्रांसपोर्ट विभाग के अफसर और निगम नेता प्रतिपक्ष ने शहर की इस बड़ी समस्या पर अपनी बात रखी। सभी ने बेबाकी से अनुभव और भविष्य में होने वाली संभावनाओं पर बेबाकी से अपने विचार साझा किये। पूर्व मेयर और वर्तमान विधायक सुनील सोनी ने कहा कि एससीआर की तरह इसके विकास पर सरकार फोकस कर रही है। दुर्भाग्य से वहां जाने के लिए पर्याप्त पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा नहीं है। एक आम आदमी को अपनी बात मंत्री-विधायक तक रखने के लिए नवा रायपुर जाना पड़ता है। वहां जाने के लिए उसे कम से कम 500 रुपए खर्च करना पड़ेगा। यह लोगों पर अतिरिक्त बोझ है। आज की स्थिति में 350 सिटी बसों का संचालन अलग-अलग रूट पर होना चाहिए। वहीं, विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि इसके लिए लोगों को जागरूक करना जरूरी होगा क्योंकि बिनी उनके सहयोग से उनकी कोई योजना सफल नहीं हो सकती। विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि जब लोग घर से आफिस या अन्य जरूरी काम से निकलेंगे और समय पर उन्हें सिटी बसें मिलने लगेंगी तो लोगों का भरोसा बढ़ेगा। राजधानी में सिटी बस सेवा इसलिए जरूरी, क्योंकि जनता 10-20 रुपए में सफर कर सके प्राइवेट पार्टनरशिप से बसों का संचालन संभव: सुनील सोनी
रायपुर दक्षिण विधानसभा के विधायक सुनील सोनी ने कहा कि जब मैं महापौर था तो मैंने देखा कि सीएम जनदर्शन में आए एक बुजुर्ग को भनपुरी जाना था। ऑटो वाले ने उससे 60 रुपए मांगे। मैंने तभी सोचा कि आम आदमी का सफर 5 से 10 रुपए में होना चाहिए । दुर्भाग्य से जो सिटी बसें रायपुर में अलग-अलग रूट में सस्ते दरों पर चलते थे। वह बहुत कम हो गया है। इसे अपने कार्यकाल में प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत शुरू किया था। पहले ही हम राज्य परिवहन निगम के घाटों को जानते हैं। सरकारों से फंड लेने के चलते देरी होती है। इससे अच्छा जल्द परिणाम देने के लिए सभी को एक साथ आते हुए प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत सिटी बसों के संचालन की दिशा में काम करना चाहिए। शहर के अंदरूनी इलाकें के लिए मिनी सिटी बसें जरूरी, पुरंदर मिश्रा
रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा ने कहा कि रायपुर हर क्षेत्र में अब तेजी से बढ़ रहा है। शहर का दायरा भी काफी बड़ा हो गया है। ऐसे में शहर में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए सिटी बसें काफी जरूरी है। शहर में सिटी बसों के संचालन के लिए मैं जल्द ही सीएम और ट्रांसपोर्ट मिनिस्टर को पत्र लिखूंगा। यही नहीं शहर में सिटी बसें संचालित करने के लिए पब्लिक की भागीदारी भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि शहर में 2008 में बस सेवा शुरू हुई। 40 बसों से शुरू हुई सेवा कभी 100 तक पहुंच गई। इसके बाद कोरोना काल आया बसों के पहिए थम गए। धीरे-धीरे बसें खराब हो गई और नई बसों की खरीदी ही नहीं हो पाई। मेरा मानना है कि बसों के चलने से ट्रैफिक भी स्मूथ होगा। कल्चर में लाना होगा तब सफल होगा पब्लिक ट्रांसपोर्ट: मोतीलाल
ग्रामीण विधायक मोतीलाल साहू ने कहा कि बड़े शहरों में सिटी बसों के ज्यादा फेरे होने से लोगों को आसानी से बसें मिल जाती है। सस्ता और सुलभ परिवहन लोगों की जरूरत है लेकिन इसके लिए शहर के लोगों को अपनी मानसिकता बदलनी होगी। उन्हें यह समझना होगा कि निजी वाहनों में जाने से हादसों का खतरा तो बना ही रहता है साथ ही जाम की समस्या से भी निजात मिलेगी। इसके लिए समय मेंटेन करना बहुत जरूरी है। कम दूरी की बजाय अधिक दूरी के लिए चलाना होगा। जब लंबी दूरी पर बसें चलने लगेंगी तब आसानी से लोगों का भरोसा इस पर बढ़ेगा। अभी मुझसे सेजबहार, माना के लोग इसकी डिमांड करते हैं उस क्षेत्र में शुरू करने पर विचार चल रहा है।
पब्लिक ट्रांसपोर्ट चले तो जाम से निजात मिलेगी: राजेश मूणत
रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने कहा कि सिटी बसें चलाने के लिए गंभीरता से विचार करना जरूरी है। क्योंकि कई स्थानों पर बस स्टाप बन गए हैं लेकिन वहां बसें नहीं चल रही है। अभी ई-बसों के संचालन की प्रक्रिया चल रही है। इसका बस स्टाप भी बन रहा है। क्योंकि जब तक सिटी बसें नहीं चलेंगी तब तक लोगों को यातायात की समस्या से निजात नहीं मिल पाएगी। इसके लिए हम जरूर पहल करेंगे और जिम्मेदारों से बात भी करेंगे। मूणत के मुताबिक बड़े शहरों में लोग निजी वाहनों से आना-जाना पसंद नहीं करते, लेकिन हमारे शहर में अभी लोग निजी वाहनों से निकलना ही पसंद करते हैं। यहां पर सिटी बस का कल्चर डवलप करना होगा। पिछली निगम सरकार के चलते ही पब्लिक सिस्टम बर्बाद: मीनल चौबे
मेयर मीनल चौबे ने कहा कि कोई भी योजना शुरू हो रही है, उसके मेंटेनेंस, प्रॉफिट के संबंध में पूरी प्लानिंग होती है। लेकिन पहले की निगम सरकारों ने ऐसा काम ही नहीं किया। बसों की नियमित मेंटेनेंस, सही रूट का निर्धारण, प्लान करके गलतियों को सुधारने का काम होना था। हम सिर्फ केंद्र सरकार की योजना का लाभ ले रहे हैं। हां यह सही है कि निगम से भी पहल होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऑटो संचालन के लिए दर निर्धारित करने का अधिकार हमारा नहीं है। लोगों को मिले सुविधा, सरकार को पहल करनी चाहिए: आकाश तिवारी नगर निगम नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी ने कहा कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट जनता का अधिकार है। रायपुर में शुरू हुई सिटी बस सेवा अब पूरी तरह से बदहाल है। कोई दावा करता है कि 30 बस चल रही हैं, कोई कहता है 25 ही चल रही। आम आदमी को सस्ती परिवहन सुविधा मिले, इसे लेकर सरकार को पहल करनी चाहिए। सिटी बस सेवा को लेकर निगम को नए सिरे से पहल करनी चाहिए। ई-रिक्शा व ऑटो के लिए रूट- किराया का निर्धारण सरकार द्वारा किया जाना चाहिए। हम केवल बसों के लिए परमिट देते हैं, चलाना निगम का काम: कृष्णा पटेल परिवहन उपायुक्त कृष्णा पटेल के मुताबिक शहर में 30 सिटी बसों के लिए परमिट परिवहन विभाग की ओर से जारी किया गया है। इनमें से कितनी बसें चल रही हैं और कितनी नहीं, इसके बारे में जानकारी नहीं है। सिटी बस संचालन का काम निगम का है। रही बात ई-रिक्शा और ऑटो द्वारा वसूली की तो इनके लिए भी किराया निर्धारित है। अगर ऑटो चालक इसका पालन नहीं करते तो कोई भी व्यक्ति परिवहन विभाग से शिकायत कर सकता है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी। पीएम ई बस पर फोकस, 4 माह में डीपो होगा तैयार अभी शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए पीएम ई बस स्वीकृत है। इसमें 100 बसें मिलनी है। इसके लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर विकसित करने पर हमारा फोकस है। जरवाय में 2 हेक्टेयर में इसके लिए डीपो बनाया जा रहा है। डीपो का काम करीब 4 महीने में कंप्लीट हो जाएगा। साथ ही इलेक्ट्रिक इन्फ्रास्ट्रक्चर पर काम चल रहा है। इस काम का नोडल सीएसपीडीसीएल है। सरोना से 33 केवी की लाइन खींची जा रही है।

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