छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर की पुलिस ने गोवा में रेड मारकर सट्टा सिंडिकेट से जुड़े चार आरोपियों को पकड़ा है। आरोपी गोवा में किराए का विला लेकर टी-20 विश्व कप के दौरान करोड़ों का दांव लगवाया जा रहा था। पुलिस ने मुख्य सरगना सहित 4 आरोपियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार आरोपियों में से दो आरोपियों का नाम रैंकी और प्रतीक बताया जा रहा है। आरोपियों की गिरफ्तारी का खुलासा रायपुर पुलिस के अधिकारी जल्द करेंगे। आरोपियों ने 35 लाख में खरीदा पैनल पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पकड़े गए आरोपी सैंकी दरडा और प्रतीक वीधवानी ही इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड बताए जा रहे हैं। आरोपी 20-20 हजार रुपए में ऑनलाइन सट्टे की आईडी और पासवर्ड बेचते थे। इन्होंने 35 लाख रुपए देकर सट्टे की वसूली का एक खास ‘पैनल’ खरीदा था। पुलिस की जांच में सामने आया है, कि महादेव सट्टा के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल से सीधे जुड़कर ये सट्टे की रकम की वसूली करते थे। जो सटोरी हारने के बाद पैसे नहीं देते थे, उनसे वसूली कर ये आरोपी मोटा कमीशन कमाते थे। गोवा में 25 हजार की सैलरी पर रखे थे कर्मचारी आरोपियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए गोवा में एक आलीशान विला किराए पर लिया था। वहां नेटवर्क चलाने के लिए आरोपियों ने 20 से 25 हजार रुपए वेतन पर कर्मचारी रखे हुए थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान आरोपियों के पास से 7.78 लाख रुपए का सामान, मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस बरामद किए हैं। महादेव ऐप से कनेक्शन की जांच शनिवार सुबह रायपुर लाए जाने के बाद पुलिस ने आरोपियों को पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया है। सांई ट्विंस निवासी सैंकी और प्रतीक से पूछताछ में कई बड़े बुकियों के नाम सामने आने की उम्मीद है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि छत्तीसगढ़ के और कितने बड़े नाम इस नेटवर्क से जुड़े हुए हैं।


