छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आज से भव्य ऐतिहासिक महानाट्य जाणता राजा का मंचन शुरू हो रहा है। साइंस कॉलेज मैदान में 19 से 22 फरवरी तक रोज शाम साढ़े छह बजे यह नाटक प्रस्तुत किया जाएगा। छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन और हिंदवी स्वराज्य की स्थापना पर आधारित इस तीन घंटे के नाटक को लेकर शहर में खास उत्साह है। भव्य मंच, सजीव दृश्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों के साथ दर्शकों को ऐतिहासिक काल का अनुभव कराया जाएगा। नाटक में भाग लेने के लिए महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में लंबी ऑडिशन प्रक्रिया आयोजित की गई। विभिन्न आयुवर्ग के करीब 40 युवाओं, बच्चों और प्रौढ़ महिला-पुरुषों का चयन किया गया। चयनित कलाकारों ने निर्देशक योगेश शिरोळे के मार्गदर्शन में पहले मंडल परिसर में और फिर साइंस कॉलेज मैदान में बने विशाल मंच पर रिहर्सल शुरू कर दी। स्थानीय कलाकारों में प्रांजल बक्षी, वर्तिका क्षीरसागर, कृति लाड, आकांक्षा गद्रे, आस्था काले और अन्य कलाकारों ने उत्साह के साथ अभ्यास किया। विदेशी महिला की भूमिका में आस्था रिहर्सल के दौरान कव्वाली नृत्य, पोवळा, कोळी गीत, दिंडी नृत्य और घाघर फूंकने जैसे पारंपरिक प्रस्तुतियों की जमकर तैयारी की गई। कॉलेज छात्राओं के साथ प्रौढ़ महिलाओं का तालमेल और ऊर्जा देखने लायक रही। पुरुष कलाकारों को भी महत्वपूर्ण भूमिकाएं दी गई हैं। आस्था काले एक विशेष विदेशी महिला की भूमिका में नजर आएंगी। निर्देशक के अनुसार स्थानीय कलाकारों को शिवाजी महाराज के जन्म, युवावस्था और राज्याभिषेक जैसे महत्वपूर्ण दृश्यों में प्रमुख स्थान दिया गया है। घोड़ो और सैनिकों की दिखेगी टोली मंचन के दौरान दर्शकों को पांच घोड़ों के साथ सैनिकों की टोली और शिवाजी महाराज के दृश्य बेहद करीब से देखने को मिलेंगे। यदि संभव हुआ तो सैनिक दल में हाथियों को भी शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। पुणे से आए तकनीकी विशेषज्ञ कौशिक नाईक और वैभव जोशी मंच सज्जा और प्रकाश व्यवस्था संभाल रहे हैं। भव्य साज-सज्जा और स्थानीय कलाकारों की भागीदारी से ‘जाणता राजा’ का मंचन इस बार रायपुर में खास आकर्षण बनने जा रहा है।


