रायपुर में उच्च शिक्षा विभाग का फरार क्लर्क गिरफ्तार:2 सालों में घोटाला करके 18 लाख उड़ाए, एक अपर संचालक भी सस्पेंड

रायपुर उच्च शिक्षा विभाग का एक फरार क्लर्क गिरफ्तार हुआ है। आरोपी भोपाल में छिपा हुआ था जिसे रायपुर पुलिस ने पकड़ा है। आरोपी ने डिपार्टमेंट के कुछ लोगों के साथ मिलकर 2 साल में करीब 18 लाख रुपए का घोटाला किया है। जिसके बाद क्लर्क के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाई गई। इस मामले में विभाग ने जांच पड़ताल के बाद एक अपर संचालक को भी सस्पेंड कर दिया है। आरोपी क्लर्क उच्च शिक्षा विभाग में सहायक ग्रेड 2 आकाश श्रीवास्तव है। जिसे सस्पेंड भी कर दिया गया है। इस मामले में विभागीय जांच पड़ताल के बाद मिलीभगत के आधार पर अपर संचालक के पद से सी. एल. देवांगन को भी निलंबित कर दिया गया है। इनके ऊपर आकाश श्रीवास्तव को संरक्षण देने और घोटाले में सहयोगी होने के आरोप हैं। कैसे हुआ घोटाला? जांच रिपोर्ट के अनुसार, क्षेत्रीय कार्यालय रायपुर में अपर संचालक की गाड़ी बिना चले ही 6 महीने में 6 लाख रुपए का पेट्रोल खपत कर गई। इस गड़बड़ी का मास्टरमाइंड बाबू आकाश श्रीवास्तव था। जिसने सुनियोजित तरीके से कूटरचना कर करीब 18.55 लाख रुपए का गबन किया। इसके अलावा, इसी कार्यालय में चार ऐसे कर्मचारियों को हर महीने वेतन देने के नाम पर 10 महीने तक 10-10 हजार रुपए निकाले गए, जो वास्तव में पदस्थ ही नहीं थे। देवकुमार वर्मा, अजय टंडन, भूपेंद्र वर्मा और खिलावन जोशी के नाम पर यह फर्जीवाड़ा किया गया। कार्रवाई और निलंबन आदेश उच्च शिक्षा संचालनालय द्वारा जारी आदेश में कहा गया कि, आकाश श्रीवास्तव ने अनधिकृत रूप से गैरमौजूद रहते हुए वित्तीय अनियमितताओं को अंजाम दिया, जो छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन है। इस आधार पर उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया और उनका मुख्यालय नवा रायपुर स्थित उच्च शिक्षा संचालनालय निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। इस घोटाले के सामने आने के बाद उच्च शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। संभावना है कि इस मामले में और भी नाम सामने आ सकते हैं। प्रशासन ने इस घोटाले में शामिल अन्य कर्मचारियों पर भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए हैं।

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