छत्तीसगढ़ी ब्राह्मण समाज ने 32वें सामूहिक उपनयन संस्कार समारोह आयोजित किया। विप्र सांस्कृतिक भवन प्रबंध समिति द्वारा आयोजित इस समारोह में 64 बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। सुबह 6 बजे से विप्र भवन परिसर में आचार्य ओमप्रकाश तिवारी के मार्गदर्शन में मुंडन, हल्दी और अन्य पारंपरिक अनुष्ठान शुरू हुए। मुख्य यजमान विनय तिवारी और संध्या तिवारी सहित अष्टबंध ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संस्कार पूरा कराया। समारोह में उपनयन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए विद्वानों ने इसे वैदिक अध्ययन और अनुशासित जीवन की शुरुआत बताया। अनुष्ठान के बाद बटुक परिवारजनों और समाज के सदस्यों के साथ बैंड-बाजे की धुन पर ब्राह्मणपारा स्थित सोहागा मंदिर पहुंचे, जहां भगवान मुरली मनोहर और राधा रानी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। संस्कार की प्रक्रिया और वैदिक परंपरा आचार्य ओमप्रकाश तिवारी के निर्देशन में मुंडन, हल्दी, पूजन और यज्ञोपवीत धारण की विधि संपन्न हुई।
आयोजन में नरेंद्र तिवारी, सुरेंद्र शुक्ला, राजेंद्र तिवारी,हरीश शर्मा, अवधेश दुबे, सुरेंद्र दीवान और नटराज शर्मा अष्टबंध ब्राह्मणों ने बटुकों को जीवन में संयम, अध्ययन और कर्तव्य पालन का संदेश दिया। मुरली मनोहर भगवान की पूजा उपनयन संस्कार के बाद धूम-धाम से बटुकों की बारात निकाली गई। सभी बैंड-बाजे की धुन में विप्र भवन से ब्राह्मणपारा स्थित सोहागा मंदिर पहुंचे। सभी ने भगवान मुरली मनोहर की पूजा-अर्चना की। समारोह में छत्तीसगढ़ी युवा विकास संगठन के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, सुरेंद्र दीवान, संजय दीवान, भूपेंद्र शर्मा, मिश्रीलाल पांडेय, व्यास नारायण शुक्ला सहित समाज के के पदाधिकारी और विप्र शक्ति महिला मंडल की सदस्याएं बड़ी संख्या में मौजूद रहीं।


