राजधानी के रेलवे स्टेशन पर गुरुवार देर रात अफरातफरी का माहौल बन गया, जब बम की सूचना पर यात्रियों को प्लेटफॉर्म से एक किनारे किया गया। अचानक बढ़ी चहल-पहल और सुरक्षा कर्मियों की गहन जांच को देखकर लोग सकते में आ गए। करीब आधे घंटे तक स्टेशन पर असमंजस का माहौल रहा। बाद में जब यात्रियों को बताया गया कि यह एक मॉक ड्रिल थी, तब जाकर उन्होंने राहत की सांस ली। रेलवे अधिकारियों ने बताया, कि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के रायपुर मंडल में त्योहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए 19 सितंबर की शाम 7:30 बजे से रात 9:45 बजे तक यह मॉक ड्रिल आयोजित की गई। उद्देश्य था बढ़ती भीड़ के बीच यात्री सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों को परखना। इस अभ्यास का नेतृत्व वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त रमन कुमार और वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक अवधेश कुमार त्रिवेदी ने किया। मौके पर मंडल वाणिज्य प्रबंधक राकेश कुमार, सहायक वाणिज्य प्रबंधक आनंद, सहायक सुरक्षा आयुक्त संदीप दा खीरटकर, पोस्ट प्रभारी निरीक्षक कर्मपाल सिंह गुर्जर, सीआईबी निरीक्षक निशा भोईर, जीआरपी थाना प्रभारी भोलानाथ मिश्रा, मुख्य स्टेशन प्रबंधक रमेश मंडल और टी. नाग (सीसीआई) सहित कुल 77 अधिकारी-कर्मचारी मौजूद थे। हर हिस्से योजना बनाकर जांच की गई ड्रिल के दौरान स्टेशन के हर हिस्से में सतर्कता देखी गई। होल्डिंग एरिया, प्रवेश व निकास द्वार, बुकिंग काउंटर, फुट ओवर ब्रिज और प्लेटफॉर्म पर भीड़ नियंत्रण की रणनीति का अभ्यास किया गया। लाउड हेडलर और पीए सिस्टम से यात्रियों को लगातार दिशा-निर्देश दिए जाते रहे। सुरक्षाकर्मी प्लेटफॉर्म और गाड़ियों में चेकिंग करते नजर आए। यात्रियों की सुरक्षित ट्रेन में बैठाया गया इस बीच प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 पर गाड़ी संख्या 18029 और 15160 का सुरक्षित आगमन और प्रस्थान कराया गया। अधिकारियों ने इस दौरान देखा कि आपात स्थिति में भी ट्रेनों का संचालन बिना किसी बाधा के कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की मॉक ड्रिल्स से सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को पहचानने और उन्हें सुधारने में मदद मिलती है। त्योहारी सीजन में यात्रियों की भीड़ बढ़ने के मद्देनजर यह अभ्यास बेहद अहम साबित होगा।


