छत्तीसगढ़ में शनिवार की शाम फिर मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ कई जगह बारिश हुई। कुछ जगहों पर ओले गिरे। इस दौरान 50 से 60 किमी की रफ्तार से आंधी चली। मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों यानी 6 मई तक प्रदेश में बारिश की स्थिति रहेगी। इस दौरान तापमान में बहुत अधिक बदलाव की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बारिश वजह एक द्रोणिका है जो प्रदेश के उत्तरी हिस्से से गुजर रही है। इसके साथ ही कुछ अन्य सिस्टम भी राज्य में सक्रिय हैं। इन सिस्टम के असर से प्रदेश में लोकल सिस्टम बन रहे हैं। उसकी वजह से बारिश हो रही है। गुरुवार को राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में तेज अंधड़ चली थी। इस दौरान राजधानी में तो ब्लैक आउट जैसी स्थिति थी। सैकड़ों पेड़ और बिजली के पोल गिर गए थे।
शुक्रवार को दिनभर मौसम थोड़ा साफ रहा। शनिवार को भी दोपहर तक आसमान खुला। इस दौरान तापमान 34 से 39 डिग्री के बीच रहा। दोपहर करीब 2 बजे से आसमान में बादल छाने लगे थे। साढ़े 3 बजे के आसपास मौसम पूरी तरह बदल गया। शाम करीब 4 बजे राजधानी में तेज हवा के साथ बारिश शुरू हो गई।
बिलासपुर, अंबिकापुर, पेंड्रारोड सहित उत्तरी छत्तीसगढ़ में कहीं-कहीं पर 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चली। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में ओले भी गिरे। इससे मौसम पूरी तरह ठंडा हो गया है। दिन के तापमान में चार से पांच डिग्री की गिरावट आई है। सभी जगहों पर अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे चल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन-चार दिनों तक प्रदेश में मौसम के हालात इसी तरह रहेंगे। कहीं-कहीं पर हल्की बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की स्थिति बनी रहेगी। भास्कर एक्सपर्ट- डॉ. गायत्री वाणी कांचिभ, मौसम विज्ञानी मई में अंधड़-बारिश, यह पुराना ट्रेंड मई में हो रही बारिश कोई नई बात नहीं है। आमतौर पर मई के महीने में एक-दो बार तेज बारिश और अंधड़ की स्थिति बनती ही है। कई बार मई की शुरुआत में कुछ सिस्टम बनने के कारण प्रदेश में बारिश और तेज अंधड़ के एक-दो स्पैल आते हैं। इससे मई के पूरे महीने में अच्छी बारिश हो जाती है। वैसे पिछले एक दशक में रायपुर में मई के महीने में सबसे ज्यादा बारिश 2021 में 93.2 मिमी रिकॉर्ड की गई थी। उस दौरान 24 घंटे में 57 मिमी बारिश 10 मई 2021 को दर्ज की गई थी। मई में सिस्टम बनने पर समुद्र से आने वाली हवा तेजी के साथ आगे बढ़ती हैं। इससे अंधड़ की स्थिति निर्मित होती है। 25 मई के बाद इस तरह की स्थितियां ज्यादा बनती हैं, उसी से मौसम में परिवर्तन की शुरुआत होती है।


