रायसेन पुलिस ने ट्रकों के इंजन और चेसिस नंबर में हेरफेर कर धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में पुलिस ने अब तक दो ट्रकों को जब्त किया है। साथ ही तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। एसपी पंकज कुमार पांडे ने बताया कि दमोह निवासी रमेश प्रजापति ने कोतवाली रायसेन में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनका ट्रक (क्रमांक MP04YD3671) हनीफ खान ने विवाद कर कब्जे में ले लिया। जांच में सामने आया कि हनीफ का दावा था कि ट्रक पहले से उसका है और इसका रजिस्ट्रेशन नंबर बदला गया है। टेक्निकल टीम ने जांच के बाद बताया कि ट्रक के इंजन नंबर E426CDPC427529 और चेसिस नंबर से पुष्टि होती है कि ट्रक हनीफ के स्वामित्व का है। यह भी पता चला कि ट्रक के चेसिस नंबर को घिसकर नया नंबर अंकित किया गया था और इंजन की प्लेट को भी बदला गया था। तीन टीम गठित किए गए थे मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने तीन जांच दल गठित किए। जांच में पता चला कि आरोपी फैज खान और इमरान खान ने अरुणाचल प्रदेश पासिंग ट्रक (क्रमांक AR06C1992) को भोपाल RTO में पंजीकृत कराया और इसके इंजन व चेसिस नंबर में बदलाव कर MP04YD3671 के रूप में रमेश प्रजापति को बेच दिया। आरोपी इमरान खान को 13 दिसंबर को गिरफ्तार कर उनके मेमोरेंडम पर ट्रक MP04ZX2715 को जब्त किया गया। मो. फुरकान अंसारी को आर्थिक सहयोग के आरोप में गिरफ्तार किया गया। अन्य ट्रकों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया इस कार्रवाई में एसडीओपी प्रतिभा शर्मा और उनकी टीम, निरीक्षक संदीप चौरसिया सहित अन्य पुलिसकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आरोपियों की गिरफ्तारी में सहायता करने वालों के लिए ₹10,000 के इनाम की घोषणा की गई है। रायसेन पुलिस की तत्परता से इस संगठित गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।


