रायसेन जिले के बेगमगंज में मंगलवार को अड़ीबाजी के मामले में जमानत पर छूटे बदमाशों का शक्ति प्रदर्शन का प्रयास पुलिस ने विफल कर दिया। उप जेल से बाहर आते ही समर्थकों के साथ जुलूस निकालने की तैयारी कर रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने हथियारों के साथ दोबारा गिरफ्तार कर लिया। इतना ही नहीं, पुलिस वाहन खराब होने पर बुधवार को आरोपियों का अस्पताल से न्यायालय तक पैदल जुलूस भी निकाला गया। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अड़ीबाजी के एक मामले में बंद जुनेद उर्फ जुन्ना पठान, इमरान खान और सैयद अयान अली जैसे ही उप जेल से जमानत पर बाहर आए, उनके समर्थक फूल-मालाओं और गाड़ियों के साथ स्वागत के लिए तैयार थे। उनका मकसद जुलूस निकालकर इलाके में अपनी धाक जमाना था। लेकिन जुलूस शुरू होते ही बेगमगंज पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ दिया और एक बोलेरो सहित तीन युवकों को हिरासत में ले लिया। तलाशी में मिले पिस्टल और चाकू पुलिस ने जब बोलेरो की तलाशी ली, तो उसमें से एक देशी पिस्टल मिली। वहीं, एक आरोपी की कमर से धारदार चाकू बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने तुरंत आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की। इस दौरान भीड़ में शामिल दो फरार आरोपी शकील अहमद और लाईक पठान को भी पुलिस ने पहचान कर पकड़ लिया। जमानत पर छूटे बदमाशों ने दोबारा हंगामा करने की कोशिश की, जिस पर उन्हें फिर से हिरासत में ले लिया गया। पुलिस जीप खराब हुई तो पैदल ले गए कोर्ट आरोपियों का मेडिकल कराने के लिए पुलिस उन्हें सिविल अस्पताल बेगमगंज ले गई। यहां से लौटते समय पुलिस का वाहन खराब हो गया। इसके बाद पुलिस बदमाशों को अस्पताल से न्यायालय तक पैदल ही लेकर गई। जिस जुलूस के जरिए वे अपनी शक्ति दिखाना चाहते थे, वह पुलिस की निगरानी में एक ‘पैदल मार्च’ में बदल गया। यह घटना पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बनी रही। SDOP बोलीं- आर्म्स एक्ट में की कार्रवाई एसडीओपी सोनाली गुप्ता ने बताया कि पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पुनः गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है और जमानत का मतलब मनमानी की छूट नहीं है।


