रायसेन में जिला स्तरीय गीता महोत्सव का आयोजन:राज्य मंत्री बोले- श्रीमद् भागवन गीता का सार व्यक्ति समाज और राष्ट्र निर्माण के लिए प्रासंगिक

गीता जयंती के अवसर पर बुधवार को रायसेन के वन परिसर में जिला स्तरीय गीता महोत्सव का आयोजन किया गया। संत श्री श्री 1008 रामदास त्यागी महाराज हरिहर, संत श्री श्री 108 भोलेस्वरूप ब्रम्हचारी ने कन्यापूजन, भगवान श्री कृष्ण और श्रीमद् भगवद गीता की पूजा अर्चना कर शुभारंभ किया। गीता महोत्सव में आचार्यगणों ने श्रीमद् भगवत गीता के कर्मयोग अध्याय 3 के 11 श्लोकों का सामूहिक पाठ किया। भगवान श्रीकृष्ण के उपदेशों पर आधारित नाट्य अभिनय की विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुति दी साथ ही भगवान श्रीकृष्ण के भजनों का भी गायन किया। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन की सफलता के लिये अपने धर्म के पालन पर बल दिया राज्य मंत्री, स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने गीता जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में पहली बार ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। जिसके माध्यम से हमें गीता के ज्ञान और इसके महत्व को जानने तथा व्यवहार में आत्मसात करने का अवसर मिला है। भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन के रहस्य की जो बात श्रीमद्भगवद गीता में समझाई है वह व्यक्ति, समाज और राष्ट्र निर्माण के लिये प्रासंगिक है। स्वास्थ्य राज्यमंत्रीपटेल ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने जीवन की सफलता के लिये अपने धर्म के पालन और एकाग्रता के साथ कर्मशीलता पर ही बल दिया है। भागवद गीता मानव जीवन के हर पहलू को समझने में मदद करती सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी ने कहा कि श्रीमद् भगवद गीता एक अनूठा आध्यात्मिक मार्गदर्शी ग्रंथ है, भगवद् गीता जिसका प्रभाव पूरी दुनिया में फैल चुका है। भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य वचनों में सम्पूर्ण जीवन की व्याख्या है। उन्होंने कहा कि भगवद् गीता मानव जीवन के हर पहलू को समझने में मदद करती है। गीता हमें आंतरिक शांति और खुशी पाने के लिए मन को जीतने का महत्व सिखाती है। गीता में कर्म को प्रधानता दी गई है और हमें अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा मिलती है। श्रीमद् भगवद गीता हमें निराशा से दूर होनी की शिक्षा देती है कलेक्टर अरविंद दुबे ने कहा कि यहां जिला स्तरीय गीता महोत्सव मनाया जा रहा है। साथ ही बरेली क्षेत्र में स्थित भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े हुए विशेष स्थल जामगढ़ में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रीमद् भगवद गीता हमें निराशा से दूर होनी की शिक्षा देती है, जीवन में उत्साह भरने की शिक्षा देती है। जीवन में हर परिस्थिति में किस प्रकार उससे उबरा जाए, निराशा से आशा की ओर ले जाने वाली शिक्षा देती है। हम गीता के सार को अपने जीवन में उतारते हैं तो निश्चित रूप से एक आदर्श नागरिक बनते हैं। साथ ही अपने कर्मों के द्वारा समाज, देश-प्रदेश और विश्व कल्याण की भावना रखते हैं। गीता महोत्सव में संत श्री नागा जी महाराज, संत पंडित ओमप्रकाश शुक्ला, स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, सांची विधायक डॉ प्रभुराम चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष यशवंत मीणा नगर पालिका अध्यक्ष सविता जमुना सेन, जिला पंचायत सीईओ अंजू भदौरिया, SDM मुकेश सिंह,सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। महोत्सव के समापन अवसर पर उपस्थित संतों को शाल श्रीफल भेंट कर जनप्रतिनिधियों द्वारा आर्शीवाद प्राप्त किया।

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