रावतभाटा के प्राचीन शिव मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू:हरिद्वार के संत ने किया भूमि पूजन, भामाशाहों ने दिया सहयोग

सेवा भारती की ओर से बिजली ऑफिस के सामने नहर रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का भूमि पूजन श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ सम्पन्न हुआ। भूमि पूजन हरिद्वार से पधारे संतश्री कुंजलाल महाराज के करकमलों से विधिवत कराया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु, बस्तीवासी और मातृशक्ति उपस्थित रही। पूजन कार्यक्रम में सेवा भारती के वरिष्ठ हरिओम शर्मा, समाजसेवी कस्तूरचंद भोमलिया, ठेकेदार रामसिंह सहित सेवा भारती कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया। पूजा विधि पंडित घनश्याम दशोरा द्वारा मंत्रोच्चार के साथ सम्पन्न कराई गई। इस दौरान धरती माता, भगवान शिव, बजरंगबली एवं भारत माता का पूजन किया गया। 60 वर्ष पुराना मंदिर, अब होगा जीर्णोद्धार बस्ती के मैदान सिंह भाटी ने बताया कि मंदिर का निर्माण लगभग 60 वर्ष पूर्व विद्युत विभाग के कर्मचारियों एवं जनसहयोग से हुआ था। समय के साथ मंदिर का शिखर और छत जर्जर हो चुके हैं। ऐसे में सेवा भारती और जनसहयोग से मंदिर जीर्णोद्धार का बीड़ा उठाया गया है, जिस पर बस्तीवासियों ने आभार जताया। भामाशाहों ने दिया उदार सहयोग: मंदिर निर्माण के लिए अनेक भामाशाहों ने अनुदान राशि प्रदान की। प्रमुख सहयोगियों में लक्ष्मणलाल दशोरा, कस्तूरचंद भोमलिया, हरिओम शर्मा, प्रेमलता मेंगी, देवेंद्र व्यास, आशा व्यास, सत्यवती गुप्ता, अजयसिंह राठौड़, पूरन कुमार वधवा सहित कई दानदाताओं ने स्वेच्छा से सहयोग दिया। कई श्रद्धालुओं ने अपने दिवंगत परिजनों की स्मृति में भी अनुदान अर्पित किया। संत कुंजलाल महाराज ने स्वयं भी मंदिर निर्माण के लिए सहयोग राशि भेंट करते हुए कहा कि दान से धन के साथ मन का भी शुद्धिकरण होता है, इसलिए सभी को तन-मन-धन से सहयोग करना चाहिए। सत्संग, फागुन उत्सव और फूलों की होली: भूमि पूजन के बाद मातृशक्ति द्वारा सत्संग एवं फागुन उत्सव का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेली और भोलेनाथ के भजनों पर नृत्य कर भक्ति भाव से दरबार में हाजिरी लगाई। कार्यक्रम के अंत में सेवा भारती की ओर से संत कुंजलाल का शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। जिला कोषाध्यक्ष महावीर प्रसाद चौधरी ने सभी भामाशाहों और उपस्थित श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया।

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