रविवार देर शाम चंबल विकास समिति की 1500 किलोमीटर लंबी चंबल विकास यात्रा रावतभाटा पहुंची। राणा प्रताप सागर बांध स्थित आरपीएस घाट पर चंबल नदी की आरती और दीपदान किया गया। इस दौरान क्षेत्र की खुशहाली की कामना की गई। सामाजिक सहभागित बढाने का संकल्प
चंबल विकास समिति के राष्ट्रीय संयोजक ठाकुर जोगिंदर सिंह भदौरिया ने यात्रा के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह यात्रा चंबल को प्रदूषण मुक्त बनाने, बीहड़ क्षेत्र के समग्र विकास और तीनों राज्यों में सामाजिक सहभागिता बढ़ाने का सामूहिक संकल्प है। भदौरिया ने बताया-चंबल को राष्ट्र की जीवनरेखा के रूप में स्थापित करने के लिए केंद्रीय स्तर पर अनुसंधान व विकास योजनाओं में सहयोग के उद्देश्य से यह अभियान चलाया जा रहा है। यह 1500 किलोमीटर लंबी यात्रा मध्य प्रदेश, राजस्थान और उत्तर प्रदेश से होकर गुजर रही है। यात्रा के दौरान प्रत्येक जिले में राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। प्रमुख मांगों में चंबल विकास बोर्ड की स्थापना, चंबल रेजिमेंट का गठन, प्रदूषण मुक्त चंबल अभियान और चंबल किनारे गौ अभ्यारण्य की स्थापना शामिल है। इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एपी सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने चंबल क्षेत्र के सामाजिक और पर्यावरणीय महत्व पर जोर दिया। कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था, संत निरंकारी मिशन सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों का विशेष सहयोग रहा। इस आयोजन के माध्यम से चंबल संरक्षण के प्रति श्रद्धा, संकल्प और सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया गया।


