भास्कर न्यूज | रामचंद्रपुर शिक्षा में नवाचार और उत्कृष्ट कार्यों को पहचान दिलाने के लिए राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान सह शैक्षिक संप्रवाह 2024-25 का आयोजन 29 मई को रायपुर में हुआ। इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से चुने गए 155 नवाचारी शिक्षकों को सम्मानित किया गया। रामचंद्रपुर विकासखंड के शासकीय प्राथमिक शाला सेन्दूरपारा-महावीरगं ज में पदस्थ शिक्षक मानसरोवर सिंह को उनके नवाचारी और उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों के लिए राष्ट्रीय नवाचारी शिक्षा रत्न सम्मान मिला। उन्हें मंच पर अतिथियों ने प्रमाण पत्र, मोमेंटो और पेन देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में अपर संचालक जे.पी. रथ, सहायक संचालक डॉ. बी. रघु, डाइट प्राचार्य बी.एल. देवांगन जैसे वरिष्ठ शिक्षा अधिकारी मौजूद रहे। आयोजन नवाचारी गतिविधियां समूह भारत के नेतृत्व में हुआ। यह एक स्व-प्रेरित शिक्षक संगठन है, जो लगातार चौथे वर्ष यह आयोजन कर रहा है। सम्मान चयन की प्रक्रिया कई चरणों में पूरी हुई। पहले चरण में देशभर से 7000 से अधिक नामांकन ऑनलाइन माध्यम से आए। इसके बाद चयन समिति ने दस्तावेजों की जांच, कार्यों का मूल्यांकन और साक्षात्कार के आधार पर योग्य शिक्षकों का चयन किया। अंतिम सूची में उन्हीं शिक्षकों को जगह मिली, जिन्होंने जमीनी स्तर पर नवाचार कर शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर किया। बलरामपुर जिले के कई सरकारी शिक्षक भी इस आयोजन में सक्रिय रूप से शामिल हुए। यह समूह 2017 से शिक्षा में गुणवत्ता सुधार के लिए काम कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करने वाले शिक्षकों को शील्ड और प्रमाण-पत्र दिया गया।


