करौली में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर युवाओं को वैज्ञानिक सोच से जोड़ने और अंधविश्वास के खिलाफ जागरूक करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। ‘मेरा युवा भारत, करौली’ द्वारा वीणा मेमोरियल कॉलेज, पदेवा में आयोजित इस कार्यक्रम में विज्ञान को चमत्कारों से ऊपर बताते हुए तर्क और तथ्यों की जीत का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार की भावना और शोध के प्रति रुचि विकसित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और स्वागत के साथ हुई। कॉलेज के प्राचार्य मनोज कुमार शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि वैज्ञानिक सोच ही समाज को प्रगतिशील और जागरूक बनाती है। व्याख्यान सत्र में वक्ताओं ने तर्क आधारित सोच को आज के समय की आवश्यकता बताया। विज्ञान के आधार पर समझाए तथाकथित चमत्कार
इस दौरान 4 युवा दलों ने अपने-अपने गांवों से जुड़े अंधविश्वासों पर आधारित 8 वैज्ञानिक प्रयोग प्रस्तुत किए। इन प्रयोगों के माध्यम से तथाकथित चमत्कारों की वैज्ञानिक व्याख्या कर उनकी वास्तविकता स्पष्ट की गई। युवाओं ने खून दिखाकर चमत्कार, नींबू से खून निकलने का भ्रम, नारियल के पानी से आग लगाने की चाल और बोतल में भूत बंद करने जैसी मान्यताओं को विज्ञान के आधार पर समझाया। उन्होंने बताया कि ऐसे चमत्कार सामान्य रासायनिक और भौतिक प्रक्रियाओं का परिणाम होते हैं, न कि किसी अलौकिक शक्ति का। देशभक्ति गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी
कार्यक्रम में देशभक्ति गीतों पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दी गईं। विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र और विज्ञान से जुड़ी पुस्तकें भेंट कर सम्मानित किया गया। वैज्ञानिक प्रयोगों का संपादन और निरीक्षण प्रोफेसर डॉ. अनुराधा दुबे ने किया। अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश
आयोजन में महाविद्यालय प्रशासन, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को अंधविश्वास से दूर रहकर वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश दिया गया। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की शुभकामनाओं के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


