राष्ट्र-संत ललितप्रभ सागर एवं डॉ. मुनि शांतिप्रिय सागर 2 मार्च को पाली पहुंचेंगे। शहर के लोढ़ा का वास स्थित शांतिनाथ मंदिर उपाश्रय में सुबह 9 से 11 बजे तक ‘जीवन जीने की कला’ विषय पर सत्संग एवं प्रवचन का आयोजन होगा। आयोजन की जानकारी देते हुए श्री जैन श्वेतांबर खरतर गच्छ संघ की कार्यवाहक समिति के मोतीलाल कटारिया ने बताया कि संत अपने ओजस्वी प्रवचनों के माध्यम से जीवन-निर्माण, पारिवारिक सौहार्द और तनाव मुक्ति के व्यावहारिक सूत्र बताएंगे। हैदराबाद में चातुर्मास पूर्ण करने के बाद वे वर्तमान में राजस्थान की ओर पदयात्रा पर हैं। प्रवचन में ‘जीवन को स्वर्ग कैसे बनाएं’, ‘स्वास्थ्य सुधार’ और ‘संस्कार निर्माण’ जैसे विषयों पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। कार्यक्रम में जैन समाज सहित राजस्थानी, गुजराती, मारवाड़ी एवं सर्व समाज के श्रद्धालुओं की उपस्थिति रहेगी। श्रीसंघ ने नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस आध्यात्मिक आयोजन का लाभ लेने की अपील की है।


